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डिवाइडर सूख गए, जेबें हरियाली से भरीं: पौधों की देखरेख पर दो करोड़ खर्च, फिर भी हाल बेहाल

शहर को हरा-भरा दिखाने की योजना हकीकत में दम तोड़ती नजर आ रही है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने डिवाइडरों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे पौधों की देखभाल के लिए 5.28 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। इस कार्य में अब तक करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन हाल यह है कि अधिकतर जगहों पर पौधे सूख चुके हैं और देखरेख के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा।

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बरेली। शहर को हरा-भरा दिखाने की योजना हकीकत में दम तोड़ती नजर आ रही है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने डिवाइडरों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे पौधों की देखभाल के लिए 5.28 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था।

इस कार्य में अब तक करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन हाल यह है कि अधिकतर जगहों पर पौधे सूख चुके हैं और देखरेख के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा।

आगरा की फर्म को मिला था ठेका

नगर निगम ने आगरा की परमार कंस्ट्रक्शन को दो साल तक शहर के 320 पार्कों और 22 डिवाइडरों पर पौधों की देखरेख, सिंचाई और रखरखाव का काम सौंपा था। इसके लिए 125 माली और कर्मचारी रखने की शर्त थी। लेकिन अब सामने आया है कि इस फर्म ने फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए पहले भी टेंडर हासिल किया था, जिस कारण इसे स्मार्ट सिटी कंपनी ने 2020 में ब्लैकलिस्ट कर दिया था। फिर भी नियमों में हेरफेर कर 5 नवंबर 2024 को उसे फिर से ठेका दे दिया गया।

अफसर की नजरों के सामने दिख रहे हैं हरियाली, सूख गया पूरा शहर

अधिकारियों के रास्ते हरे, बाकी सूखे
शहर में जिन मार्गों से अधिकारी या वीआईपी गुजरते हैं, वहां पौधों की देखरेख की जाती है। बाकी क्षेत्रों की हालत दयनीय है। इज्जतनगर रोड, पीलीभीत बाइपास, स्काईवॉक, श्यामगंज चौराहा, सिविल लाइंस और जंक्शन रोड पर लगे पौधे या तो सूख गए हैं या पूरी तरह गायब हो चुके हैं।

ठेकेदार और अफसरों ने कदम कदम पर किया घोटाला

सूत्रों की मानें तो फर्म ने अधिकारियों को बताया था कि एक माली को 12 से 15 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं दिख रहा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अप्रैल 2025 से भुगतान पर रोक लगा दी है और जांच के आदेश दिए हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक फर्म को काम करने से रोक दिया गया है और पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी अब उद्यान विभाग को सौंपी गई है।

“फर्म की जांच चल रही है।जब तक जांच पूरी नही होती, तब तक उसे कोई नया वर्क ऑर्डर जारी न किया जाए।उद्यान विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पौधों की देखभाल सुनिश्चित करें।”
-संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त