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बारां

video श्रीजी भगवान के जलवा पूजन से पहले ‘उत्साह व जोश का संगम Ó

हाड़ोती का ख्यातनाम डोल महोत्सव का शुभारम्भ, देवविमान यात्रा डोल तालाब के लिए हुई रवाना, अखाड़ों के पहलवानों का नायाब शक्ति प्रदर्शन, परम्परा के साथ आधुनिक तकनीक के दिग्दर्शन, संतों ने मंत्रोच्चार के साथ किया विधिवत उद्घाटन

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बारां. कोरोना संक्रमण के चलते दो साल तक मजबूरन देवविमान यात्रा के दर्शन नहीं करने से निराश रहे लोगों का बुधवार को मानो सब्र का बांध टूट पड़ा तो अखाड़ों के पहलवानों के साथ श्रद्धालुओं के भजन-कीर्तन की स्वरलहरियों ने समूचे वातावरण को धर्ममय कर दिया। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर बुधवार को बारां शहर में निकली देवविमान यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का समंदर यात्रा मार्ग में नहीं समाया। दोपहर १२ बजे से शहर में विभिन्न व्यायामशालाओं के अखाड़ों के निकलने का दौर शुरू हुआ। पूरे मार्ग में युवा व युवतियों ने हैरतअंगेज करतबों से लोगों को अचरज में डाला। किसी ने तलवारबाजी का नायाब प्रदर्शन किया तो कोई भारी भरकम गुगदर को एक हाथ से लकड़ी की भांति घुमाकर शक्ति का प्रदर्शन करता नजर आया। देव विमानों से पूर्व शहर में डोल यात्रा मार्ग पर नौ अखाड़ों के पट्टेबाजों ने मार्ग पर डटे श्रद्धालुओं को रोके रखा। शाम चार बजे श्रीजी चौक में भगवान कल्याणरायजी (श्रीजी) के रियासतकालीन व राज मंदिर पर देवविमानों के गुजरने का दौर शुरू हो गया। राजस्थान पत्रिका ने इससे पूर्व के कई नजारों को समेट डिजिटल संस्करण के रूप में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
आकर्षण का केन्द्र रही मिसाइल
देवविमान यात्रा से पूर्व निकले अखाड़ों में शामिल मिसाइल की जीवंत झांकी ने राष्टभक्ति का जज्बा जगाया। इसके लिए पहियों के विशेष स्ट्रक्चर को एक ट्रैक्टर की मदद से यात्रा मार्ग में निकाला गया। इसे देख लोग भारतमाता के जयकारे लगाने लगे। झांकियों में शामिल यह नवाचार तो खास रहा ही, युवतियों व किशोरियों के हैरतअंगेज प्रदर्शन से भी लोग चकित रहे।
मंत्रोच्चार के साथ किया उद्घाटन
सुबह करीब ११ बजे डोल मेला तालाब पर संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डोल मेले का उद्घाटन किया। इन संतों का नगर परिषद की सभापति ज्योति पारस की अगुवाई सत्कार किया गया। यहां फीता काटने के साथ ही डोल मेले का विधिवत शुभारम्भ हो गया। यह मेला १५ दिन तक चलेगा।