
बेंगलूरु. दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूदने वाले दो लोगों में से एक की पहचान मैसूरु जिले के मनोरंजन डी. के रूप में हुई है। जैसा कि अब सभी को मालुम है कि उन्होंने सांसद प्रताप सिम्हा के हस्ताक्षर वाले पास से संसद में प्रवेश किया था। बताया गया है कि वे पिछले तीन तहीने से सांसद से पास जारी कराने की कोशिश कर रहे थे।
दूसरी ओर मनोरंजन के पिता देवराज गौड़ा का कहना है कि अगर उनके बेटे ने कुछ गलत किया है तो उसे फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा एक अच्छा लडक़ा है। वह स्वामी विवेकानंद की किताबें पढ़ता था और शिक्षा से इंजीनियर हैं।
गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा, मेरा बेटा एक अच्छा लडक़ा है। वह ईमानदार और सच्चा है। उसकी एकमात्र इच्छा समाज के लिए अच्छा करना और समाज के लिए बलिदान देना है। वह स्वामी विवेकानंद की किताबें पढ़ता था। मुझे लगता है कि इन किताबों को पढऩे के बाद उसके मन में ऐसे विचार विकसित हुए। उन्होंने कहा, यह समझना मुश्किल है कि उसके दिमाग में क्या चल रहा था। मेरे बेटे ने 2016 में बीई (बैचलर इन इंजीनियरिंग) पूरा किया और खेत की देखभाल कर रहा था। उसने दिल्ली और बेंगलूरु में कुछ फर्मों में भी काम किया।
उन्होंने कहा, अगर मेरे बेटे ने कुछ अच्छा किया है, तो बेशक मैं उसका समर्थन करता हूं, लेकिन अगर उसने कुछ गलत किया है तो मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। अगर उसने समाज के लिए कुछ गलत किया है तो उसे फांसी पर लटका दिया जाए। उन्होंने अपने बेटे की हरकत को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्होंने संसद के अंदर विरोध क्यों किया।
प्रताप सिम्हा के परिचित
सूत्रों के मुताबिक, वह भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के परिचित थे, जिनके पास लोकसभा कक्ष में प्रवेश के लिए अधिकृत पास थे। बताया जा रहा है कि मनोरंजन अक्सर सिम्हा के कार्यालय जाता रहता था। सूत्रों के मुताबिक, मनोरंजन डी ने सागर शर्मा को अपने दोस्त के रूप में सांसद कार्यालय में पेश किया और नई संसद देखने के बहाने उन्हें पास जारी कराए। वह तीन महीने से अधिक समय से पास के लिए आग्रह कर रहा था।
उनका दावा है कि वे अपने दम पर संसद पहुंचे और किसी भी संगठन से जुड़े होने से इनकार किया। उन्होंने लोकसभा के अंदर तानाशाही के खिलाफ नारे लगाए। उनके कृत्य की प्रेरणा फिलहाल अज्ञात है।
Published on:
14 Dec 2023 12:41 am

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