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कर्नाटक कैबिनेट ने ग्रामीण संपत्तियों को ‘बी’ खाता देने के लिए कानून को मंजूरी दी

राज्‍य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को शहरी क्षेत्रों में की जा रही कवायद की तरह सभी अनाधिकृत ग्रामीण संपत्तियों को ‘बी’ खाता देने संबंधी एक विधेयक को मंजूरी दे दी है। कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक में लगभग 90 लाख ग्रामीण संपत्तियों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जिनके पास खाता नहीं है। इन संपत्तियों को सरकार की ई-खाता व्यवस्था के तहत लाया जाएगा।

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बेंगलूरु. राज्‍य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को शहरी क्षेत्रों में की जा रही कवायद की तरह सभी अनाधिकृत ग्रामीण संपत्तियों को ‘बी’ खाता देने संबंधी एक विधेयक को मंजूरी दे दी है।

कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक में लगभग 90 लाख ग्रामीण संपत्तियों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जिनके पास खाता नहीं है। इन संपत्तियों को सरकार की ई-खाता व्यवस्था के तहत लाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि कैबिनेट ने मुस्लिम ठेकेदारों को निविदाओं में 4 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कर्नाटक पारदर्शिता सार्वजनिक खरीद (केटीपीपी) अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने 2025-26 के बजट में की थी।

बताया जा रहा है कि कैबिनेट ने हेब्बल में कृषि विभाग की 4.24 एकड़ जमीन को अंतरराष्ट्रीय फूल नीलामी के लिए दो साल के लिए किराए-मुक्त आधार पर देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की है।

मंत्रिमंडल ने आग से प्रभावित बेंगलूरु बायो-इनोवेशन सेंटर के पुनर्निर्माण और उपकरणों के प्रतिस्थापन के लिए 96.77 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी देने पर भी चर्चा की।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में सुधार के लिए कुछ उपायों को मंजूरी देने का फैसला किया।

सदस्यों की संख्या 16 से घटाकर आठ करने का फैसला किया गया। होता समिति की सिफारिश के अनुसार, केपीएससी सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक खोज समिति गठित करने का फैसला किया गया।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि केपीएससी में सुधार के लिए आगे के उपायों का सुझाव देने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा।