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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई : भोवी विकास निगम के पूर्व जीएम गिरफ्तार, 14 दिन की हिरासत में

प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक भोवी विकास निगम (केबीडीसी) के पूर्व महाप्रबंधक बी.के. नागराजप्पा को धन शोधन(मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में गिरफ्तार किया है। नागराजप्पा को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। निदेशालय ने रविवार को कहा कि उसने केबीडीसी में अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी के बाद यह गिरफ्तारी की।

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बेंगलूरु. प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक भोवी विकास निगम (केबीडीसी) के पूर्व महाप्रबंधक बी.के. नागराजप्पा को धन शोधन(मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में गिरफ्तार किया है। नागराजप्पा को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। निदेशालय ने रविवार को कहा कि उसने केबीडीसी में अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी के बाद यह गिरफ्तारी की।

संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि बेंगलूरु में एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने उन्हें 14 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है। धन शोधन का मामला पुलिस की ओर से दर्ज कई एफआईआर से उपजा है, जिसमें केबीडीसी से 97 करोड़ रुपए के फंड के दुरुपयोग और डायवर्जन के आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने 4 अप्रेल को वी.वी. टॉवर स्थित केबीडीसी के कार्यालय में तलाशी ली थी।

ईडी का ने आरोप लगाया कि नागराजप्पा ने एजेंटों के उपलब्ध कराए गए फर्जी लाभार्थियों के बैंक खातों का उपयोग कर केबीडीसी से धन को डायवर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईडी के अनुसार, आरोपी केबीडीसी खातों से फर्जी संस्थाओं और लाभार्थियों के खातों में धन को डायवर्ट करने में कामयाब रहे और उन्हें आगे आरोपी के दोस्तों और परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित कर दिया गया।ईडी ने दावा किया कि कई बैंक खाते खोले गए और नागराजप्पा और अन्य सह-आरोपियों ने कई लाभार्थियों या इच्छित लाभार्थियों को धोखा दिया। ईडी ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संपत्तियों का विवरण जब्त किया।

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