नेशनल कॉलेज में हुआ मुख्य आयोजनधू-धू कर जले बुराई के प्रतीक रावण-कुंभकर्ण के पुतले
बेंगलूरु. इस्कॉन मंदिर ट्रस्ट की ओर से शहर के बसवनगुड़ी स्थित नेशनल कॉलेज मैदान में मंगलवार को दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों के लिए रामायण कॉस्ट्यूम प्रतियोगिता, भजन संध्या व अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। रात आठ बजे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।
इस्कॉन ट्रस्ट के डॉ. कुलशेखर प्रभु ने बताया कि दोपहर में आयोजित रामायण कॉस्ट्यूम प्रतियोगिता में सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। राम, सीता, हनुमान के रूप धारण कर बच्चों ने शो की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चों के माता-पिता भी उपस्थित थे। शाम चार बजे के बाद भजन और रामतारका यज्ञ किया गया। विश्व शांति के लिए वैदिक अनुष्ठानों के साथ यज्ञ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर श्रीराम के नाम स्मरण किया गया।
शाम को छह बजे से शुरू हुई भक्ति संध्या में प्रख्यात गायक विजय प्रकाश भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रात आठ बजे रावण-कुंभकर्ण की प्रतिकृति का दहन किया गया। यह परंपरा, जिसे उत्तर भारत में ही मनाया जाता है, को प्रथम बार बेंगलूरु में शुरू किया गया। पचास फीट ऊंचे रावण व कुंभकर्ण के पुतले बनाए गए थे। इससे पहले इस्कॉन के अध्यक्ष मधु पंडिता दास ने हमारी विरासत और उनकी अपरिहार्यता के बारे में संदेश दिया।