Toll Tax Increase: अप्रैल 2025 से लागू होने वाले नए टोल टैक्स नियमों के बारे में जानें। इसमें फास्टैग अनिवार्यता, टोल प्लाजा नियम, और राष्ट्रीय हाईवे व एक्सप्रेसवे पर बढ़ी हुई टोल दरें शामिल हैं।
Toll Tax Increase Across Indian Highways: भारत के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा अब महंगी होने जा रही है, क्योंकि राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 31 मार्च 2025 मध्यरात्रि से टोल टैक्स में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गई हैं, और इससे यात्रियों और कमर्शियल वाहनों पर असर पड़ेगा। यहां जानिए किस रूट पर कितनी बढ़ोतरी हुई है।
लखनऊ के हाईवे जैसे लखनऊ-आयोध्या, लखनऊ-कानपुर, रायबरेली और बाराबंकी पर छोटे वाहनों के लिए टोल में 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं भारी वाहनों पर 20 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और पूर्वी परिधीय एक्सप्रेसवे पर भी टोल बढ़ा है। उदाहरण के लिए, सराय काले खान से मेरठ जाने के लिए एक तरफ का टोल अब 165 रुपये से बढ़कर 170 रुपये हो गया है। हल्के कमर्शियल वाहन और बसों को अब 275 रुपये का टोल देना होगा, जबकि ट्रकों पर 580 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
छिजारसी टोल प्लाजा पर NH-9 पर कारों के लिए टोल 170 रुपये से बढ़कर 175 रुपये हो गया है। वहीं, हल्के कमर्शियल वाहनों का टोल 280 रुपये और बसों और ट्रकों का टोल 590 रुपये हो जाएगा। इसके अलावा, गाजियाबाद से मेरठ जाने पर टोल 70 रुपये से बढ़कर 75 रुपये हो गया है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़की दौला टोल प्लाजा पर कारों और जीपों का टोल तो वही रहेगा, लेकिन बड़े वाहनों पर 5 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, मासिक पास की कीमत 930 रुपये से बढ़कर 950 रुपये हो गई है। कमर्शियल कारों और जीपों का टोल प्रति साइड 85 रुपये हो जाएगा, और उनके मासिक पास की कीमत 1225 रुपये से बढ़कर 1255 रुपये हो जाएगी।
NHAI का कहना है कि यह अतिरिक्त राजस्व सड़क निर्माण, रखरखाव और विस्तार कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, कुछ यात्री इन बढ़ोतरी से असंतुष्ट हैं और इसे बार-बार होने वाली बढ़ोतरी के रूप में देख रहे हैं।