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आतंकी बुरहान के समर्थन में हाफिज सईद की पीओके में रैली

हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को हीरो बनाने की कोशिश में है

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Sunil Sharma

Jul 11, 2016

Hafiz Saeed

Hafiz Saeed

मुजफ्फराबाद। मुंबई हमले का मास्टर माइंड और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को हीरो बनाने की कोशिश में है। पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में बुरहान वानी की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। इसमें हिजबुल मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाउद्दीन भी शामिल हुए। दोनों ने सभा को संबोधित किया।

सभा स्थल पर वानी के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे। सईद जमात उद दावा के साइबर सेल के सदस्यों के साथ सभा में पहुंचा था। सलाउद्दीन भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचा था। हाफिज ने रैली में कहा कि पाकिस्तान को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाफिज ने कश्मीर घाटी में सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी भड़काने के लिए कहा है। हाफिज ने कहा कि वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में जो हालात पैदा हुए हैं,पाकिस्तान को उसका फायदा उठाना चाहिए। इस पर केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मीटिंग में हाफिज सईद और सलाउद्दीन की मौजूदगी से साबित होता है कि पाकिस्तान में खुलेआम आतंकी गतिविधि चल रही है।

पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने विदेश मंत्रालय के जरिए कहा है कि कश्मीर में बेगुनाहों को गोली मारी जा रही है।गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार ने वानी की मुठभेड़ में हुई मौत को एक्स्ट्रा जुडिशल किलिंग करार दिया है। पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। उधर जमात उद दावा पहले से ही पूरे पाकिस्तान में साइबर सेल चला रहा है। पिछले कुछ सालों से हाफिज सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी गतिविधयों में लोगों को जोडऩे की पूरजोर कोशिश कर रहा है। जमात उद दावा और हिजबुल भारत में अलगाववादी गतिविधियों को तेज करने के लिए एक साथ आ गए हैं।

हिजबुल के मुकाबले जमात की कश्मीर घाटी में मौजूदगी न के बराबर है। हाफिज कश्मीर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में लगा है। हालांकि जैसे ही हाफिज ने बुरहान वाली के मारे जाने की खबर सुनी वह तत्काल मुजफ्फराबाद पहुंच गया। वह अपनी टीम के साथ पहुंचा जो भारत विरोधी भावना को उकसाने का काम करती है। भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में वानी मारा गया था। वानी कश्मीर में पढ़े लिखे युवाओं को कश्मीर की आजादी के पक्ष में आतंकियों के लिए समर्थन जुटाता था।

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