अमरीका

भारतीय को ट्रेन के आगे धकेलने वाली महिला को 24 साल जेल

धार्मिक ईर्ष्या के चलते अमरीकी महिला ने 46 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति को धकेल दिया था ट्रेन के आगे

2 min read
May 21, 2015
Train

न्यूयॉर्क। अमरीका के क्वींस सुप्रीम कोर्ट ने एक अमरीकी को भारतीय मूल
के एक नागरिक की मौत के सिलसिले में 24 साल जेल की सजा सुनाई है। 33 साल की एरिका
मेनेंडेज नाम की इस महिला पर 27 दिसंबर 2012 की रात को 46 वर्षीय सुनन्दो सेन नाम
के एक भारतीय मूल के व्यक्ति को चलती ट्रेन के आगे धक्का देने का आरोप लगा था।
कोर्ट के मुताबिक एरिका ने जिस समय सेन को धक्का दिया उस समय वो स्टेशन पर खड़े
होकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।

धार्मिक ईर्ष्या थी वजह
सजा पा चुकी
एरिका ने अपने बयानों में कहा है कि उसने ये सब धार्मिक ईर्ष्या के चलते किया था।
उसने कहा कि वो मुस्लिमों और हिन्दूओं से नफरत करती है और इसी वजह से उसने सेन को
धक्का देकर ट्रेन के आगे फेंक दिया। एरिका के मुताबिक वो 9/11 के हमले के बाद से ही
मुस्लिमों और हिन्दूओं से नफरत करने लगी थी।

क्वींस में अकेले थे
सेन

सुनन्दो सेन भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक थे जो क्वींस में सालों से रह रहे
थे। वो अविवाहित थे और उनके माता-पिता की भी पहले ही मौत हो चुकी थी। सेन अपने एक
दोस्त के साथ क्वींस स्थित एक छोटे से घर में रह रहे थे। उनका कोलंबिया यूनिवर्सिटी
के पास ही अपनी एक प्रिटिंग और कॉपी करने का बिजनेस था।

कोर्ट ने माना गंभीर जुर्म
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक क्वींस सुप्रीम कोर्ट के
जज ग्रेगरी लासेक ने इसे गंभीर जुर्म करार देते हुए एरिका को 24 साल की सजा सुनाई।
कोर्ट ने कहा कि देश में रोजाना लाखों लोग सबवे ट्रेनों में सफर करते हैं। इनमें
कामकाजी और बिजनेस करने वाले लोगों से लेकर स्कूल आने जाने वाले बच्चे भी होते है।
कोर्ट ने यह कहते हुए सजा सुनाई कि एरिका द्वारा उठाया गया मानवीय भावनाओं के
विरूद्ध है, इससें लोगों में डर भी पैदा होता है जिसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी
चाहिए।

Published on:
21 May 2015 04:08 pm
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