अलवर. खेरली कस्बे के बायपास रोड पर सौंखर राजस्व स्थित खसरा नंबर 845 एवं 846 में 18 अप्रेल को प्रशासन की ओर से की गई अतिक्रमण हटाने की कथित एक तरफा कार्रवाई में 11 आशियानों के साथ बाउंड्री एवं निर्माणाधीन दो कमरों को तोडऩे एवं धर्मशाला की पूरी जगह दिलाने बाबत सेन समाज के लोग बुधवार अपराह्न करीब 3 बजे विधायक बाबूलाल बैरवा से मिले। इस दौरान समाज की धर्मशाला को बचाने की गुहार लगाई। समाज के करीब 200 लोग अध्यक्ष सीताराम सेन की अध्यक्षता में कस्बे से विधायक निवास तक पैदल मार्च कर पहुंचे और ज्ञापन दिया।विधायक बैरवा ने मामले में उचित कार्रवाई कर धर्मशाला की पूरी भूमि समाज को दिलाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में बताया कि समाज ने धर्मशाला के लिए भूमि 25 जुलाई 2007 को जरिए इकरारनामा 1 लाख 21 हजार रुपए में कस्बा निवासी कल्लाराम गर्ग से खरीदी थी। जिसने भूमि को 18 जून 1986 में बुद्धि पुत्र किशोर से जरिए इकरारनामा ली थी। समाज ने खरीदी भूमि पर दो कमरों का निर्माण कराया। जिसका लोकार्पण 7 जून 2010 को किया था। उक्त भूमि के खातेदार बुद्धि की मृत्यु पर उनके वारिसों ने भूमि को कूटरचित तरीके से बाबूलाल कोली को रजिस्ट्री कराई। जिसे कानूनन खारिज भी किया था। तत्पश्चात उसकी मृत्यु पर वारिसों ने वर्तमान खातेदार की षडयंत्र पूर्वक रजिस्ट्री कराई। जिसने धर्मशाला पर अवैध कब्जा कर बाउंड्री तोड़ दी एवं निर्माणाधीन दो कमरे व दरवाजा लगाकर ताला लगा दिया। इस दौरान प्रकाश सरपंच कांकरोली, राजू सैन, हरीमोहन, नरेश सेन, मानङ्क्षसह, गोपाल सेन, सहित सेन समाज के कई लोग उपस्थित रहे।
दबाव डलवा कर कराई कार्रवाई
उक्त भूमि पर यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सलाहकार बाबूलाल नागर ने कलक्टर अलवर पर दवाब डलवा कर करवाई है। हालांकि कानूनन एससी की भूमि को सामान्य वर्ग द्वारा नहीं खरीदा जा सकता है। इसलिए कार्रवाई को गलत नहीं ठहराया जा सकता है।
बाबूलाल बैरवा, विधायक, कठूमर।
मुझे जानकारी नहीं
मेरे पास जनसुनवाई में प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ लोग आते हैं, जिसमें यदि कोई एप्लिकेशन देता है तो मैं संबंधित विभाग एवं अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखता हूं या फोन कर देता हूं। व्यक्तिगत रूप से मुझे खेरली में की गई कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है।
बाबूलाल नागर, मुख्यमंत्री सलाहकार।