
भीड़भाड़ के बिना कुछ यूं दिखाई देते हैंं हमारे शहर के मुख्य बाजार । आप भी पहचानने की कोशिश करें कि तस्वीरों में कौन-कौन से बाजार हैं जहां से अमूमन आपका भी निकलना होता रहता है। बंद के दौरान शहर के इन सूने पड़े बाजारों के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया है हमारे फोटो जर्नलिस्ट जय माखीजा ने ।भीड़भाड़ के बिना कुछ यूं दिखाई देते हैंं हमारे शहर के मुख्य बाजार । आप भी पहचानने की कोशिश करें कि तस्वीरों में कौन-कौन से बाजार हैं जहां से अमूमन आपका भी निकलना होता रहता है। बंद के दौरान शहर के इन सूने पड़े बाजारों के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया है हमारे फोटो जर्नलिस्ट जय माखीजा ने ।

भीड़भाड़ के बिना कुछ यूं दिखाई देते हैंं हमारे शहर के मुख्य बाजार । आप भी पहचानने की कोशिश करें कि तस्वीरों में कौन-कौन से बाजार हैं जहां से अमूमन आपका भी निकलना होता रहता है। बंद के दौरान शहर के इन सूने पड़े बाजारों के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया है हमारे फोटो जर्नलिस्ट जय माखीजा ने ।

भीड़भाड़ के बिना कुछ यूं दिखाई देते हैंं हमारे शहर के मुख्य बाजार । आप भी पहचानने की कोशिश करें कि तस्वीरों में कौन-कौन से बाजार हैं जहां से अमूमन आपका भी निकलना होता रहता है। बंद के दौरान शहर के इन सूने पड़े बाजारों के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया है हमारे फोटो जर्नलिस्ट जय माखीजा ने ।

भीड़भाड़ के बिना कुछ यूं दिखाई देते हैंं हमारे शहर के मुख्य बाजार । आप भी पहचानने की कोशिश करें कि तस्वीरों में कौन-कौन से बाजार हैं जहां से अमूमन आपका भी निकलना होता रहता है। बंद के दौरान शहर के इन सूने पड़े बाजारों के नजारों को अपने कैमरे में कैद किया है हमारे फोटो जर्नलिस्ट जय माखीजा ने ।