
Rajkot AIIMS: 2022 तक तैयार होगा राजकोट को एम्स
राजकोट/अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के मार्फत राजकोट एम्स का ई-भूमिपूजन किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एम्स को गुजरात के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर करार देते हुए आशा जताई कि यह संस्थान तेजी से विकसित होकर लोगों की अहर्निश सेवा में समर्पित होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों को नर्मदा का नीर उपलब्ध होने से जितनी खुशी हुई थी, उतनी ही खुशी इस संस्थान के शुरू होने से होगी। इस संस्थान के निर्माण से लोगों के स्वास्थ्य कल्याण के साथ ही रोजगार का सृजन भी होगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि हाल ही में गोधरा, नवसारी, मोरबी और राजपीपला जैसे जिलों में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी मिली है। मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल भी गुजरात में कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राजकोट को एम्स आवंटित कर गुजरात के साथ अतीत में एम्स की स्थापना को लेकर हुए अन्याय को दूर कर दिया है। एम्स का लाभ न केवल गुजरात के लोगों को बल्कि गुजरात से बाहर अन्य राज्यों के लोगों को भी मिलेगा। एम्स में सुपर स्पेशलिटी उपचार उपलब्ध होगा और यहां के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी। इस अवसर पर एम्स राजकोट के अध्यक्ष डॉ. पी.के. दवे, स्थानीय सांसद मोहन कुंडारिया सहित अन्य उपस्थित थे।
राजकोट में 201 एकड़ क्षेत्र में बनने जा रहे एम्स की लागत लगभग 1195 करोड़ रुपए है और अनुमान के मुताबिक इसे वर्ष 2022 तक तैयार कर लिया जाएगा। राजकोट एम्स में कुल 750 बेड होंगे जिसमें से 30 बेड आयुष के लिए होंगे। यहां एमबीबीएस के लिए 125 और नर्सिंग के लिए 60 सीटें होंगी।
Published on:
01 Jan 2021 01:50 am
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