
Naresh Kanodia: गुजराती सिनेमा के सुपर स्टार नरेश कनोडिया नहीं रहे, कोरोना की जंग हारे
अहमदाबाद. गुजराती सिनेमा के सुपर स्टार रह चुके व पूर्व विधायक नरेश कनोडिया नहीं रहे। वे पिछले कुछ दिनों से कोरोना को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे लेकिन आखिरकार वे मंगलवार को कोरोना से जंग हार गए। 77 वर्षीय अभिनेता गत 20 अक्टूबर से अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। गत 25 अक्टूबर को उनके संगीतकार भाई महेश कनोडिया का भी निधन हो गया था।
नरेश कनोडिया के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, केन्द्रीय मंत्री मनसुख मांडविया व पुरुषोत्तम रूपाला सहित अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
नरेश कनोडिया का शव सीधे यू एन मेहता अस्पताल से गांधीनगर के सेक्टर 30 स्थित श्मशान गृह ले जाया गया जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। श्मशानगृह में उनके प्रशंसकों की आंखेें नम थीं।
वर्ष 1943 में मेहसाणा जिले की बेचराजी तहसील के कनोडा गांव में जन्मे नरेश कनोडिया ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म ‘वेणी ने आव्या फूल’ से की थी। उन्होंने 135 से ज्यादा फिल्मों मेें अभिनय किया। उनकी कुछ चुनिंदा फिल्मों में ‘हिरन ने कांठे’, ‘मेरू मालण’ , ‘ढोला मारू’ , ‘मोती वेराणा चोक मां ’ , ‘पालवडे बांधी प्रीत’ , ‘परदेशी मणियारो’ , ‘वणझारी वाव’ , ‘तमे रे चम्पो ने अमे केल’ , ‘जोडे रहेजो राज’ , ‘पारस पदमणि’ , ‘कालजानो कटको’ , ‘बेनी हुं तो बार बार वरसे आवियो’ , ‘वट’ , ‘वचन ने वेर’ , ‘लाडी लाखनी सायबो सवा लाख नो’ शामिल हैं।
Updated on:
27 Oct 2020 04:07 pm
Published on:
27 Oct 2020 03:45 pm
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