शुक्रवार देर रात उनकी तबीयत ज्यादा
बिगड़ गई थी। जाडेजा के दोनों पुत्र अजय जाडेजा व अजीत जाडेजा तथा दोनों पुत्रवधू
सहित अन्य रिश्तेदार के अलावा क्रिकेटर आशीष नेहरा, जामनगर के पूर्व सांसद विक्रम
माडम, विधायक राघवजी पटेल व धमेन्द्र सिंह जाडेजा सहित अन्य लोग यहां पहुंच गए थे।
निधन के बाद उनके पार्थिव देह को शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल के निकट स्थित उनके
निवास स्थल सजन निवास पर ले जाया गया।
उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर
करीब तीन बजे देवभूमि द्वारका जिले की कल्याणपुर तहसील के लांबा बंदर स्थित उनके
पैतृक गांव में किया जाएगा। इससे पहले रविवार सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक जामनगर
स्थित पूर्व राजवी परिवार के प्रताप विलास पैलेस में पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के
लिए रखा जाएगा।
इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को क्रिकेट बंगला के निकट स्थित
राजपूत समाज में लाया जाएगा। पूर्व सांसद जाडेजा का जन्म 3 अप्रेल 1935 को हुआ था।
राजवी परिवार में जन्मे जाडेजा ने 60 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया व लगातार
तीन बार कांग्रेस से सांसद के रूप में चुने गए। वे वर्ष 1968 से 1972 तक सौराष्ट्र
क्रिकेट एसोसिएशन (एससीए) के अध्यक्ष के पद पर भी रहे थे।
रणजीत सिंह व दलीप
सिंह के वंशज
दौलत सिंह जाडेजा रणजीत सिंह व दलीप सिंह के वंशज थे। रणजीत सिंह
उनके दादा के भाई थे। उनके नाम पर ही भारत की शीर्ष घरेलू प्रतियोगिता-रणजी ट्रॉफी
खेली जाती है। रणजीत सिंह नवानगर की रियासत के राजा थे जिन्हें जाम साहिब के नाम से
जाना जाता था।
रणजीत सिंह ने इंग्लैण्ड की ओर से टेस्ट क्रिकेट खेली व साथ
ही कैम्बिज विवि की ओर से प्रथम श्रेणी तथा ससेक्स के लिए काउंटी क्रिकेट खेली।
उन्हें उस समय का महानतम बल्लेबाज माना जाता है।
उधर दलीप सिंह दौलत
सिंह जाडेजा के चाचा थे। दलीप सिंह जी के नाम पर घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता-दलीप
ट्रॉफी खेली जाती है। इन्होंने भी इंग्लैण्ड की ओर से क्रिकेट खेली।