स्वास्थ्य कर्मी अपने जीवनकाल में मरीजों की सेवा कर उनकी जिंदगी को बचाने का काम तो करते हैं,लेकिन शहर में एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने दुनिया को अलविदा कहते हुए भी चार जरूरतमंदों का जीवन बचाया है।शहर के चांदखेड़ा स्थित एसएमएस अस्पताल में ओटी असिस्टेंट के रूप में काम करने वाली युवती पिछले दिनों वाहन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी, उसे असारवा स्थित सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड घोषित किया गया। परिजनों ने उसके अंगों का दान किया। अस्पताल में यह 185 वां ब्रेनडेड दाता बनी है।
उत्तरप्रदेश की मूल निवासी , लेकिन वर्षों से अहमदाबाद के ओढव में परिवार के साथ रह रहीं सोनम पाल (19) चांदखेड़ा स्थित अस्पताल में ओटी असिस्टेंट थी। 18 मार्च को वह स्कूटर से निकोल की दास्तान चौकड़ी के निकट हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां गहन उपचार के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे गुरुवार को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने परिजनों को जानकारी अंगदान के लिए भी समझाया। परिजनों ने परोपकार की भावना को ध्यान में रखकर अंगदान की स्वीकृति दे दी। इसके बाद शुक्रवार को सोनम की दो किडनी, लिवर व हृदय का दान लिया गया।दो किडनी और लिवर को सिविल अस्पताल कैंपस के ही इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में ले जाया गया, जहां जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया। हृदय का ट्रांसप्लांट यूएन मेहता अस्पताल में मरीज में किया गया।
अब तक 600 से अधिक अंग दान में मिले
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार सिविल अस्पताल में पिछले लगभग 50 महीने में 185 ब्रेनडेड दाताओं के 604 अंग दान में मिले हैं। इनसे 586 लोगों को नया जीवन मिला है। इन अंगों में सबसे अधिक 336 किडनी, 161 लिवर, 59 हृदय, 30 फेफड़े, 9 पेंक्रियाज, दो छोटी आंत, 10 स्किन और 126 आंखों का दान हुआ है।