
surya aradhana
यदि आप अपनी नौकरी से परेशान हैं और नई नौकरी चाहते हैं, लंबे समय से प्रमोशन नहीं हुआ है, मानसिक रूप से बेहद तकलीफें झेल रहे हैं, परिवार पर एक साथ कई विपत्तियों ने घेरा हुआ हैं या फिर रोगों से हमेशा घिरे रहते हैं तो सिर्फ एक उपाय आपको इन परेशानियों से निजात दिला सकता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि यदि व्यक्ति इन समस्याओं से जूझ रहा है तो उसे सूर्य उपासना करनी चाहिए। यदि वो रोज ऐसा नहीं कर सकता तो हर रविवार के दिन सूर्य की आराधना करे। इससे परिवार के सभी संकट दूर होते हैं। व्यक्ति के आत्मविश्वास बढ़ता है और नौकरी में सफलता प्राप्त होती है। आइए जानते है ज्योतिषाचार्य से इसके बारे में पूरी जानकारी।
शुक्ल पक्ष के रविवार से शुरू करें काम
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि सूर्य की आराधना शुक्ल पक्ष के रविवार से शुरू करें। यदि शुक्ल पक्ष का पहला रविवार हो तो ज्यादा अच्छा है। उसके बाद इसे हर दिन या फिर हर रविवार नियमित रूप से करें। इससे सभी तरह की परेशानियों का अंत हो जाता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र से मिलते चमत्कारिक परिणाम
नौकरी, पदोन्नति, बीमारियों व अन्य परेशानियों से निजात के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र रामबाण सिद्ध होता है। प्रत्येक रविवार को सुबह जल्दी स्नान करके सूर्य देवता की रोली, अक्षत, मिश्री, कनेर का या कोई अन्य फूल चढ़ाकर व धूप जलाकर आराधना करें। उसके बाद आसन पर बैठकर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इससे व्यक्ति आत्मविश्वासी बनता है, प्रभावशाली बनता है। साथ ही उसके सभी कष्ट दूर होते हैं।
सूर्य जल भी है बेहतर विकल्प
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक सूर्य जल भी इसका बेहतर विकल्प है। प्रतिदिन तांबे के कलश में रोली, अक्षत व मिश्री के दाने डालकर सूर्य देवता को जल अर्पित करें। जल देते समय जल की धारा में भगवान सूर्य को देखें। और जल की छीटें पैरों पर न पड़ने दें। इससे आपकी कुंडली का सूर्य प्रबल होता है, और तमाम कष्ट कट जाते हैं। जल देने के बाद सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: या सूर्य गायत्री मंत्र ऊँ आदित्याय विद्म्हे दिवाकराय धीमहि ,तन्नः सूर्यः प्रचोदयात का 11 बार जाप करें।
Updated on:
02 Dec 2017 02:32 pm
Published on:
02 Dec 2017 02:29 pm

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