14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

China : सामने आई शी जिनपिंग की नई टीम और उसका एजेंडा

चीन को एक और देश नहीं बल्कि पूरी तरह से अलग देश की संज्ञा दी जाती रही है। दुनिया के इस अनोखे देश चीन में पिछले दिनों एक असाधारण घटनाक्रम देखा गया। शी जिनपिंग को रेकॉर्ड तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुन लिया गया।

3 min read
Google source verification
Xi Jinping's new team and its agenda surfaced

,

बीजिंग। चीन को एक और देश नहीं बल्कि पूरी तरह से अलग देश की संज्ञा दी जाती रही है। दुनिया के इस अनोखे देश चीन में पिछले दिनों एक असाधारण घटनाक्रम देखा गया। शी जिनपिंग को रेकॉर्ड तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुन लिया गया। जानकारों का कहना है कि साम्यवादी चीन के संस्थापक माओ त्से तुंग के पास भी इतनी अधिक शक्तियां और पद नहीं थे जितनी शी जिनपिंग के पास हैं। चीनी मुखपत्र चाइना डेली में तो उनके नेतृत्व और उनके संदेशों को नए एस्टेब्लिशमिंट का नाम दिया जाता है। साथ ही शी जिनपिंग जिस चीन का नेतृत्व कर रहे हैं वो माओ के चीन की तरह कोई विकासशील देश नहीं बल्कि दुनिया पर अपनी प्रभुता स्थापित करने का सपना देख रहा चीन है। इसलिए शी जिनपिंग की इस तीसरे कार्यकाल में उनकी नई टीम और उनके नए एजेंडे पर पूरी दुनिया की नजर है।

टीम का सदस्यों के पीछे है एजेंडा
अपने तीसरे कार्यकाल में शी जिनपिंग ने जिस नई टीम का चयन किया है, उस टीम के पीछे चयन की प्राथमिकताएं शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन के नए एजेंडे की कहानी कह रहे हैं। इन प्राथमिकताओं को अगर डिकोड किया जाए तो इसके पीछे मुख्य रूप से तीन मुख्य लक्ष्य नजर आते हैं। 1. कोविड के चलते दो साल से कमजोर पड़ी चीन की आर्थिक ग्रोथ पटरी पर लाना। 2. अमरीकी दबाव के सामने चीन के टेक्नोलॉजिकल विकास को गति देना। 3. वर्ष 2027 तक चीन-ताइवान का एकीकरण।

चार लोग बने टीम का चेहरा

आगामी पांच साल में शी जिनपिंग की नई टीम को जो चेहरे आकार देंगे, उनके नाम सामने आ चुके हैं। 69 वर्षीय शी जिनपिंग ने अपनी टीम में प्रधानमंत्री के रूप में ली कियांग, चिन गांग को विदेश मंत्री और जनरल ली शांगफू को चीन का रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं चीन के वित्त मंत्री ली कुन और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर के रूप में यी गांग पर एक बार फिर से भरोसा जताया गया है।

ली कियांग, प्रधानमंत्री, चीन
जिनपिंग की मंशा के अनुरूप जीरो कोविड पॉलिसी को सख्ती से लागू करने का पुरस्कार मिला। पोलित ब्यूरो के सदस्य भी बने। शी के भरोसेमंद सिपाही के रूप में 63 वर्षीय कियांग 2004 से 2007 के बीच जिनपिंग के चीफ ऑफ स्टॉफ भी रह चुके हैं, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति झेजियांग प्रांत के प्रांतीय पार्टी सचिव थे।
चुनौती - कोविड प्रतिबंध खत्म होने और यूक्रेन युद्ध के बीच बदलते परिदृश्य में चीन की अर्थव्यवस्था को 5 से 6 प्रतिशत ग्रोथ के मौजूदा लक्ष्य से आगे ले जाना।

ली शांगफू, रक्षा मंत्री
चीन ने जनरल ली शांगफू को अपना नया रक्षा मंत्री बनाया है। 65 वर्षीय शांगफू वही व्यक्ति हैं जिन पर अमरीका ने 2018 में प्रतिबंध लगाया था। माना जा रहा है कि चीन ने इस फैसले से अमरीका को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। साथ ही इससे, अमरीका-चीन के रिश्ते और तनावपूर्ण होंगे।
चुनौती - चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का आधुनिकीकरण जारी रखते हुए उसकी युद्धक क्षमता को बढ़ाना।

चिन गांग, विदेश मंत्री
अपनी आक्रामक शैली के कारण ‘वुल्फ वॉरियर' के रूप में मशहूर 56 वर्षीय चिन गांग को चीन का नया विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। चिन को पिछले साल ही अमरीका का राजदूत बनाया गया था। वे चीन के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं।
चुनौतीः उभरते हुई ताकत के रूप में चीन को नई वैश्विक व्यवस्था में उसका स्थान दिलाना।

ली कुन, वित्त मंत्री
चीन के वित्त मंत्री के रूप में 2018 से सेवाएं दे रहे 66 वर्षीय कुन पर फिर से विश्वास जताया गया है। 66 वर्ष का हो जाने के बाद उन पर वित्त मंत्री के रूप में फिर से भरोसा जताना बताता है कि चीन की अर्थव्यवस्था में इस समय ऐसा कुछ चुनौतीपूर्ण है जिसको संभालने के लिए निरंतरता और विश्वसनीयता की जरूरत है।
चुनौतीः मंदी के दौर से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालना।