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अमरीका के लिए फायदे का सौदा बन गया है यूक्रेन युद्ध

जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में यूक्रेन युद्ध से मुनाफाखोरी का मुद्दा भी उठा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने तो यूक्रेन युद्ध से भारी लाभ कमाने वाली कंपनियों से मुआवजे की मांग ही कर डाली है। कौन सी कंपनिया युद्ध से मुनाफा कमा रही हैं और किस देश को इससे सबसे अधिक लाभ हो रहा है, देखें स्वतंत्र जैन की खास रिपोर्टः

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Ukraine war has become profitable deal for America

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जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने स्पष्ट कहा है कि यूक्रेन युद्ध से भारी लाभ कमाने वाली कंपनियों को इससे प्रभावित और कम विकसित देशों को मुआवजा देना चाहिए।मोमेन ने कहा कि तेल और रक्षा कंपनियों को इस युद्ध से बेतहाशा लाभ हुआ है। इन कंपनियों को अपने लाभ का कम से कम 20% हमारे जैसे देशों को देना चाहिए जो इस युद्ध के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत से सबसे अधिक प्रभावित हैं। मोमेन ने कहा कि ऊर्जा की लागत में वृद्धि से महंगाई बढ़ी है। हम सब्सिडी देकर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं और यह सरकार को महंगा पड़ रहा है। इसलिए, हम युद्ध का अंत चाहते हैं। हम शांतिपूर्ण बातचीत में विश्वास करते हैं। मोमेन ने हालांकि किसी देश या कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं अमरीकी तेल-गैस और रक्षा कंपनियों के लिए यूक्रेन युद्ध खासा मुनाफे का सौदा रहा है। कोई हैरानी नहीं कि अमरीका को युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। खुद यूरोप ने भी इस पर चिंता जाहिर की है।

यूरोप में भी दिखी चिंता, युद्ध से अमरीका को लाभ
ऐसा कहने वाले मोमेन अकेले नहीं हैं। अमरीका स्थित जर्मन समाचार पत्र पोलटिको ने भी नवंबर 2022 में ये मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। यूरोपियन यूनियन के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से समाचार पत्र ने लिखा था कि, अगर गंभीरता से देखें तो तथ्य यह है कि इस युद्ध से सबसे अधिक लाभ उठाने वाला देश अमरीका है। अमरीका ऊंचे दामों पर रिकॉर्ड मात्रा में गैस यूरोपियन यूनियन को बेच रहा है और अमरीका की हथियार कंपनियों के उत्पादों की बाजार में भारी मांग पैदा हो गई है। मार्टिन लॉकहीड जैसी हथियार बनाने वाली कंपनियों के शेयर के दामों और अमरीका में गैस के रेकॉर्ड उत्पादन के आंकड़ों से भी इसकी पुष्टि होती है।

अमरीका में रेकॉर्ड गैस उत्पादन, तेजी से बढ़ रहा निर्यात
अमरीकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, अमरीका में 38,923, 715 मिलियन क्यूबिक फीट गैस का रेकॉर्ड (एलएनजी) उत्पादन हुआ है। आंकड़े बताते हैं 2022 के पहले 11 महीनों में अमरीकी एलएनजी निर्यातकों ने रेकॉर्ड दामों पर पिछले साल की तुलना में 137% अधिक एलएनजी यूरोप को निर्यात की। अमरीका से यूरोप जाने वाले एलएनजी शिपमेंट की संख्या 2022 में लगभग 850 हो गई है, जो कि में 2021 में लगभग 380 थी। जबकि रूस के यूरोप को एलएनजी के निर्यात में 54% कमी आई है। कोई हैरानी नहीं कि लुइसियाना, न्यू मैक्सिको और टैक्सस स्थित अमरीकी एलएनजी कंपनियां अब तेजी से अपनी क्षमताओं के विस्तार में लगी हैं। जिससे अमरीका में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की संभावना है।

एलएनजी के दाम सात गुना तक बढ़े
बात करें एलएनजी के दामों की तो, अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में 2021 में जिस एलएनजी की कीमतें 2021 में 10 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू थी उसकी कीमतें हाल में लुढ़कने के बाद भी
19.50 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू बनी हुई हैं। गौर करें की इसकी कीमतें 2022 के अगस्त माह में
70 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गई थीं। कोई हैरानी नहीं कि फोर्ब्स मैग्जीन ने तो मौजूदा समय को एलएनजी का स्वर्ण युग तक कह दिया है।

अमरीका कंपनियों के आगे हथियारों खरीदने वालों की लाइन
अमरीका की ख्याति दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक देश के रूप में भी है। यूक्रेन युद्ध के बाद अमरीका की हथियार निर्माता कंपनियों के आगे खरीदारों की लाइन लगी हुई। इन्हीं में से एक कंपनी है डिफेंस और ऐरोस्पेस लॉकहीड मार्टिन। कपंनी ने हाल में रिकॉर्ड संख्या में हिमार्स मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के उत्पादन की घोषणा की थी। यूक्रेन युद्ध में रूस को रोकने में प्रभावशाली साबित हो चुके इस लॉन्चर की भारी मांग बनी हुई है। यहीं नहीं, अमरीका सेना ने भी अपनी और अपने सहयोगी देशों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी से अपनी पूरी क्षमता से एमम142 लॉन्चर के उत्पादन के लिए समझौता किया है। अनेक देश जैसे लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया और यहां तक कि नीदरलैंड सहित कई देश इन हथियारों की खरीद के लिए तैयार हैं। कंपनी को आशा है कि ऑस्ट्रेलिया भी इसके एफ-35 विमानों को ऑर्डर की संख्या को बढ़ाएगी। हैरानी नहीं कि कंपनी के शेयर करीब पिछले एक साल में करीब 38 प्रतिशत तक चढ़े हैं। अमरीका की हथियार बनाने वाली अन्य कंपनियों रेथियॉन और नॉर्थरॉप ग्रुम्मान के शेयर भी इसी तरह रॉकेट बने हुए हैं।