
Donald Trump Said to Israel to Attack on Iran Nuclear Sites First
Iran Israel War: ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब अपने चरम पर चला गया है। इन दोनों देशों के बीच भीषण युद्ध अब बस एक कदम की दूरी पर है, जो अब इन दोनों देशों के एक-दूसरे पर होने वाले पहले हमले से खत्म हो जाएगी। वहीं अब कहा जा रहा है कि इजरायल ईरान पर चेतावनी के बावजूद पहला और बड़ा हमला करने जा रहा है। इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों (Nuclear Sites) पर अटैक करने जा रहा है। अगर ये अटैक होता है तो इन दोनों देशों के बीच होने वाले भीषण युद्ध को कोई नहीं रोक सकता।
दरअसल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में राष्ट्रपति उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इजरायल को एक नसीहत या फिर यूं कह लें कि ‘ऑर्डर’ दिया है। उन्होंने इजरायल से खुले मंच से कहा है कि इजरायल पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करे, बाकी की चिंता बाद में करो।
पूर्व राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना में चुनावी रैली में एक शख्स ने ट्रंप से सवाल किया कि ईरान के परणाणु साइट्स पर हमलों को लेकर किए सवाल पर जो बाइडेन के दिए जवाब पर उनका क्या कहना है तो इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि उन्हें लगता है कि वो गलत है, इस वक्त का सबसे बड़ा जो जोखिम है वो ये परमाणु हथियार, और इतनी नाजुक स्थिति में उसी पर वार करना चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि बाइडेन को तो ये कहना चाहिए था कि इजरायल सबसे पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करे, बाकी की चिंता बाद में करे। ट्रंप ने कहा कि अगर इजरायल ईरान के परमाणु साइट्स पर हमला करने जा रहे हैं तो वो पता लगा कर रहेंगे कि इस अटैक के लिए इजरायल का प्लान क्या है।
दरअसल बीते बुधवार को मीडिया ने अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइड़ेन से ईरान के इजरायल पर हुए हमले को लेकर एक सवाल किया था कि क्या वे ईरानी परमाणु साइटों के खिलाफ हमलों का समर्थन करेंगे? इस पर जो बाइडेन ने जवाब दिया था कि अभी इस पर कोई जवाब नहीं दिया जाएगा। बता दें कि इज़राइल की तरफ से लगभग 200 ईरानी मिसाइलों की गोलीबारी के जवाब में, बाइडेन ने बुधवार को ईरान की परमाणु सुविधाओं के खिलाफ ऐसे हमलों पर अपना विरोध व्यक्त किया था।
उन्होंने कहा था कि वो इजरायल से इस बात पर चर्चा करेंगे कि वो अब क्या करने जा रहे हैं। सभी G-7 देश इस बात पर सहमत हैं कि इजरायल को इस हमले का जवाब देना चाहिए, लेकिन ये जवाब एक निश्चित अनुपात में हो, यानी जितना नुकसान ईरान ने इजरायल का किया है उतना ही नुकसान इजरायल ईरान पर करने वाले हमले में करे।
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Updated on:
05 Oct 2024 12:20 pm
Published on:
05 Oct 2024 10:49 am
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