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गूगल मैप ने बवंडर से बचाकर नेवादा के रेगिस्तान में फंसाया, घंटों भटकते रहे अमरीकी यात्री

तकनीकी खामी : लास वेगास से फॉर्मूला वन रेस देखकर लौट रहे यात्री भटके

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गूगल मैप ने बवंडर से बचाकर नेवादा के रेगिस्तान में फंसाया, घंटों भटकते रहे अमरीकी यात्री

गूगल मैप ने बवंडर से बचाकर नेवादा के रेगिस्तान में फंसाया, घंटों भटकते रहे अमरीकी यात्री

वॉशिंगटन. 1958 में आई फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ का एक मशहूर गीत का अंतरा है ‘जाना था जापान पहुंच गए चीन..!’ गीत का मूलभाव रास्ता भटकने को लेकर था, हालांकि तब गूगल मैप जैसा ऐप नहीं था। आज भले ही अनजानी लोकेशन पर जाने के लिए लोग गूगल मैप की मदद लेते हैं, ताकि वे बिना अड़चन या परेशानी गंतव्य तक पहुंच सकें। लेकिन कई बार गूगल मैप कम दूरी वाले रास्ते पर जाने के लिए लंबे रूट पर ले जाता है, जिससे न केवल समय और ईंधन का नुकसान होता है, बल्कि नई मुसीबत खड़ी कर देता है। हाल ही में अमरीका में गूगल मैप से जुड़ा ऐसा ही एक वाकया सामने आया है। जब मैप यात्रियों को धूल भरी आंधी से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ता चुनने की सलाह देता है, लेकिन यात्री नेवाडा के रेगिस्तान में जाकर भटक गए।

आंधी से बचने के लिए सुझाया था रास्ता
घटना लास वेगास फॉर्मूला वन रेस देखकर लौट रहे कैलिफोर्निया निवासी शेल्बी इस्लर, उनके भाई ऑस्टिन और सहयोगियों के साथ घटी। ये 19 नवंबर को लॉस एंजिल्स से दक्षिणी कैलिफोर्निया वापस जा रहे थे। मैप पर यात्रियों ने कैलिफोर्निया को सिन सिटी से जोडऩे वाले मुख्य हाइवे इंटरस्टेट 15 की लोकेशन डाली थी। ऐप ने उन्हें धूल भरी आंधी से बचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग दिखाया। इस पर चले तो फिर चलते ही गए।

और रेगिस्तानी इलाके में पहुंचा दिया
विडंबना देखिए, मैप ने जिस रूट को सेफ और शॉर्टेस्ट बताया, वह तो लंबा खिंचता चला गया। मैंप के मुताबिक इस रूट से सभी 50 मिनट पहले पहुंच जाएंगे। लेकिन हो गया उलटा, सभी यात्री मैप की लोकेशन को फॉलो करते हुए मुख्य राजमार्ग से दूर नेवादा के बीहड़ रेगिस्तानी इलाके में पहुंच गए। यहां सडक़ें खत्म होती जा रही थीं और वीरानी छाती जा रही थी। जब तक उन्हें रास्ता भटकने का अंदाजा हुआ, काफी देर हो चुकी थी।

आखिर टोइंग कंपनी के ट्रकों ने बचाया
ऐसा नहीं था कि एस्लर और उसके साथी ही गूगल मैप के चलते भटके, उन्होंने देखा वहां कुछ अन्य गाडिय़ों के टायर के निशान बता रहे थे कि पहले भी कोई वहां फंस चुका है। भटकने के बाद एस्लर ने मदद के लिए 911 नंबर पर कॉल किया, लेकिन कैलिफोर्निया हाईवे गश्ती दल मदद के लिए नहीं आ सका। इसके बाद उन्होंने एक टोइंग कंपनी से संपर्क किया, जिसने ट्रक भेजे और इस्लर की कार के साथ-साथ अन्य फंसे हुए वाहनों को बचाया।