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भारत के सीने में दफन है 450 वर्ष पुराना राज़, सच्चाई जान कहेंगे नामुमकिन!

सेंट फ्रांसिस जेवियर नाम के शख्स की यह बॉडी गोवा में पणजी के बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में पिछले 450 सालों से सहेज कर रखी हुई है। कहते हैं इस डेड बॉडी से अब भी खून निकलता है।

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भारत के सीने में दफन है 450 वर्ष पुराना राज़, सच्चाई जान कहेंगे नामुमकिन!

नई दिल्ली। दुनियाभर के अनसुलझे राज़ में एक राज़ हिंदुस्तान के सीने में भी दफन है। गोवा के एक चर्च में पिछले 450 सालों से एक डेड बॉडी रखी हुई है। हैरानी की बात यह है कि आज तक यह मृत शरीर सड़ा नहीं है। सेंट फ्रांसिस जेवियर नाम के शख्स की यह बॉडी गोवा में पणजी के बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में पिछले 450 सालों से सहेज कर रखी हुई है। कहते हैं इस डेड बॉडी से अब भी खून निकलता है। इस डेड बॉडी का राज़ पिछले सैकड़ों साल से यूं ही बना हुआ है। फ्रांसिस जेवियर का जन्म 7 अप्रैल, 1506 ई. को स्पेन में हुआ था। पुर्तगाल के राजा जॉन थर्ड ने उन्हें जेसुइट मिशनरी के अंतर्गत धर्म प्रचार के लिए गोवा भेजा था। तब गोवा पुर्तगाल के राजा के अधिकार में था। कहा जाता है उनकी मौत चीन में एक समुद्री यात्रा के दौरान हुई थी। मान्यता है कि सेंट जेवियर ने अपने आखिरी दिनों में अपने शिष्यों को उनका शव गोवा में दफनाने को कहा था।

स्थानीय लोगों के अनुसार सेंट जेवियर की डेड बॉडी को तीन बार दफनाया गया था लेकिन हर बार उनका शव पहली बार जैसा ही मिला। एक महिला का दावा है जब सेंट फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी के पैर में उसने सुई चुभोई तो उसमें से खून निकला। यह दावा तब किया गया जब उनकी बॉडी को सूखे सैकड़ों साल हो गए थे। बता दें कि, सेंट जेवियर ने केवल दस वर्ष के मिशनरी समय में 52 अलग-अलग राज्यों में यीशु मसीह का प्रचार किया। कहा जाता है, उन्होंने नौ हजार मील के क्षेत्र में घूमकर प्रचार किया और लाखों लोगों को ईसा मसीह का शिष्य बनाया। मिशनरी समाज के मुताबिक वे सच्चे मिशनरी थे।