14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समाज से ही सब लिया, उसे देना भी सीखें: मनमोहन वैद्य

VIDISHA...RSS का विशाल पथ संचलन

2 min read
Google source verification
RSS Path Sanchalan

पथ संचलन का आगाज संघ के सह सरकार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य के बौद्धिक से हुआ

विदिशा. विजयादशमी पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS का विशाल पथ संचलन नगर में निकला। जगह-जगह संचलन का भारी उत्साह के साथ स्वागत किया गया, फूल बरसाए गए। पथ संचलन का आगाज संघ के सह सरकार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य के बौद्धिक से हुआ। डॉ वैद्य ने कहा कि हम सबने समाज और राष्ट्र से ही सबकुछ पाया है। लेकिन उसे देना भी सीखें। समाज में बदलाव के लिए काम करें। यह भाव आवश्यक है कि समाज को कुछ देना है। डॉ वैद्य ने माधवगंज के पास पथ संचलन का निरीक्षण भी किया। सुबह से पुरानी गल्ला मंडी परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सैंकड़ों स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण शुरू हो गया था। पूरे गणवेश और लाठियों के साथ संघ का घोष साथ था। यहां पहले शस्त्र पूजन और फिर सह सरकार्यवाह डॉ वैद्य का बौद्धिक हुआ। बौद्धिक में डॉ वैद्य ने जाति-पांति, ऊंच-नीच के भेद को खत्म करते हुए समरसता पर जोर दिया। उन्होंने अपने जीवन काल में समाज को कुछ लौटाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सारा समाज, सारा भारत एक है यह भाव लाना जरूरी है। डॉ वैद्य ने संघ की शाखाओं पर कहा कि शाखा है तो सब कुछ है। हमें राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए काम करना है। अच्छा आदर्श प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा यिक 8-10 वर्ष में भारत में काफी परिवर्तन होना है और इसकी शुरुआत हो चुकी है। डॉ वैद्य के बौद्धिक के बाद पुरानी गल्ला मंडी परिसर से संघ के घोष के साथ पथ संचलन शुरू हुआ। अनुशासन में कदमताल करते हुए और भारत माता के गुणगान सहित प्रेरणा गीतों के साथ आगे बढते हुए स्वयंसेवकों का जगह-जगह फूलों की बारिश कर भव्य स्वागत किया गया। पुरानी नगरपालिका के सामने संजू प्रजापति, रामशरण ताम्रकार, फिर बाबूलाल ताम्रकार सहित अनेक लोगों और महिलाओं ने ढेरोंं पुष्पों की बारिश कर पथ संचलन का स्वागत किया। यहां पूरी सड़क फूलों से पट गई थी। माधवगंज में प्याऊ के पास संघ ने अपना मंच बनाया था, यहां सह सरकार्यवाह डॉ वैद्य ने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहकर पूरे पथ संचलन का निरीक्षण किया। लौटकर गल्ला मंडी में ही पथ संचलन का समापन हुआ।