
JHV mall firing
वाराणसी. सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के मॉल में मेटल डिटेक्टर लगा होने के बाद भी असलहा लेकर घुसे बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो की जान ले ली है जबकि दो घालयों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर के प्रतिष्ठित मॉल में जेएचवी की दिनदहाड़े हुए घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर आलोक उपाध्याय व दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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कैंट थाना क्षेत्र के कैंटोमेंट स्थित जेएचवी मॉल में बिना तलाशी लिए व मेटल डिटेक्टर में से होकर गुजरने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। जेएचवी मॉल से सटा हुआ रमांडा होटल है जहां पर भारी संख्या में विदेशी पर्यटक के साथ राजनेता व फिल्म एक्टर भी ठहरते हैं जिसके चलते यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाता है। दोपहर 3.40 बजे यहां पर दो युवक आते हैं खुद को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का छात्रनेता बताते हुए शूज शोरूम के मैनेजर प्रशांत के बारे में जानकारी लेने लगता है। कर्मचारी के नहीं मिलने पर असलहा निकाल कर जाने से मारने की धमकी देने लगता है। इसी बीच मॉल के अन्य शोरूम के कर्मचारी वहां पर आ जाते हैं और युवक को पकडऩे लगते हैं। छीनाझपटी में बदमाश का असलहा गिर जाता है। अपने साथी को घिरता देख कर गेट पर मौजूद बदमाश मॉल के अंदर आता है और पिस्टल निकाल कर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगता है। गोली की आवाज सुनते ही मॉल में भगदड़ मच जाती है इसके बाद असलहा लहराते हुए बदमाश वहां से भाग जाते हैं। फायरिंग में मॉल में काम करने वाले चार कर्मचारी सुनील, गोपी, चंदन व विशाल को गोली लग जाती है चारों कर्मचारी को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल में ले जाते हैं जहां पर सुनील व गोपी की गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था जहां पर पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों कर्मचारी को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो अन्य कर्मचारी चंदन व विशाल को सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया है। प्रतिष्ठत मॉल के अंदर गोलीबारी की घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एडीजी जोन पीवी रामशास्त्री, आईजी रेंज विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी आदि अधिकारी मौके पर पहुंच कर अपनी जांच में जुट गये हैं।
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हत्या के मामले में फरार है पूर्व सांसद व उनका बेटा
सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल हमेशा से चर्चा में रहते हैं। राजनाथ सिंह व शिवपाल यादव के करीबी माने जाने वाले जवाहर जायसवाल पर कई मुकदमे दर्ज हैं इसमे बनारस का चर्चित सोयेपुर जहरीली शराब कांड भी शामिल है जिसमे डेढ़ दर्जन लोगों की जान गयी थी। इसके अतिरिक्त कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार में हुई एक हत्या के मामले में पहले कोर्ट ने जवाहर जायसवाल व उनके बेटे को फरार घोषित किया है।
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मॉल में सुरक्षा मानकों की होती है अनदेखी
शहर में कई मॉल है जहां पर सुरक्षा मानकों की जांच तक नहीं होती है। अधिकारी खुद इन मॉल में जाते हैं इसलिए मॉल के मालिक निश्चित होकर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते रहते हैं। बड़ा सवाल है कि जिस तरह से जेएचवी मॉल में असलहा लेकर अपराध पहुंच गये थे, वैसे ही कोई आतंकवादी पहुंच जाता तो जान-माल की भारी क्षति हो सकती थी।
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Published on:
31 Oct 2018 08:41 pm
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