
जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टेनमायर महामना मदन मोहन मालवीय की कर्मस्थली काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंच कर भी अभिभूत हुए। ऐसा विशाल परिसर, पर्यावरण की दृष्टि से चारों तरफ हरियाली। हर तरफ खुशनुमा माहौल। सिंह द्वार से केंद्रीय कार्यालय तक वह कार से परिसर को निहारते रहे।

वह इंटॉलरेंस के मुद्दे पर भी काफी गंभीर दिखे। खासतौर पर वह इस बात को लेकर काफी परेशान थे कि इंडिया में महज बीफ की अफवाह को लेकर किसी को मार दिया जाता है। उन्होंने इस मुद्दे पर मीडिया के रोल को भी जानने की कोशिश की।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ही क्यों पढ़ने आए? साथ ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता के मेल के साथ यहां की शिक्षा व विकास के मुद्दे के अलावा वर्तमान सरकार के कामकाज के बारे में भी जाना।

महामना को नमन किया फिर लगभग 45 मिनट के संवाद कार्यक्रम में छात्रों ने जर्मन राष्ट्रपति की क्लास में उनके पूछे सवालों के जवाब तो दिए ही साथ में अपने कई सवालों को भी उनके आगे रखा।

जर्मनी के राष्ट्रपति ने छात्रों को कुछ इस अंदाज में दिए आटोग्राफ