Surat/ जिला कोर्ट में 10 जनवरी से फिजिकल हियरिंग बंद

वकील और पक्षकारों को नहीं मिलेगा प्रवेश, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी सुनवाई

Jan 07, 2022 / 08:05 pm

Sandip Kumar N Pateel

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सूरत. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच अब फिर एक बार प्रतिबंध लगने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार से उच्च न्यायालय में फिजिकल हियरिंग बंद होने के बाद अब 10 जनवरी से जिला एवं सत्र न्यायालयों में भी फिजिकल हियरिंग बंद करने का उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया है।
उच्च न्यायालय की ओर से जारी परिपत्र में बताया गया है कि आदेश का अमल 10 जनवरी से अगले आदेश तक होगा। इस दौरान सभी तरह की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। आरोपियों का पहली बार का प्रोडेक्शन और रिमांड के लिए पेश करने के किस्से में ऑनलाइन सुनवाई मंजूर नहीं होगी। गौरतलब है कि मार्च, 2020 में राज्य में कोरोना की एंट्री के बाद राज्य के न्यायालयों में फिजिकल हियरिंग बंद कर दिया गया था। करीब आठ महीने बाद फिजिकल हियरिंग शुरू होने के एक सप्ताह बाद दूसरी लहर ने दस्तक दे दी थी और फिर से ऑनलाइन सुनवाई शुरू करनी पड़ी थी। अब फिर एक बार कोर्टो में फिजिकली हियरिंग बंद करने का निर्णय किया गया है।

आंशिक लॉकडाउन की अभी जरूरत नहीं, हालातों के आधिन किया जाएगा निर्णय: कनू देसाई


सूरत. सूरत समेत राज्य में बढ़ते कोरोना के प्रकोप के कारण सरकार सर्तक हो गई है और दो दिनों से बैठकों का दौर लगातार जारी है। इस बीच शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री एवं सूरत के प्रभारी मंत्री कनू देसाई ने सूरत में प्रशासनिक अधिकारी और विधायकों के साथ बैठक के बाद कहा कि फिलहाल सूरत या राज्य में आंशिक लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार हालातों पर नजर बनाए हैं और जरूरत पडऩे पर सरकार इस पर फैसला लेगी।
कनू देसाई की अध्यक्षता में जिला कलक्टर कार्यालय पर शुक्रवार दोपहर को रिव्यू बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में जिला कलक्टर आयूष ओक, मनपा आयुक्त बंछानिधि पानी, जिला विकास अधिकारी, महापौर तथा विधायक मौजूद थे। सभी ने तीसरी लहर की आशंका के बीच प्रशासन की क्यां तैयारियां हैं इसके बारे में मंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद मंत्री देसाई ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि पहली और दूसरी लहर से जो सिख मिली है उससे इस बार प्रशासन और सरकार ने अच्छी तैयारियां की है। ऑक्सीजन की भी पूरी तरह व्यवस्था कर ली गई। स्कूलों को बंद करना चाहिए या नहीं इस पर निर्णय शिक्षण विभाग लेगा। वहीं लॉकडाउन या आंशिक लॉकडाउन के सवाल पर उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार ने अभी ऐसा कुछ नहीं सोचा है। यदि लोग कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते हैं तो ऐसी नोबत नहीं आएगी। सरकार हालातों पर नजर बनाए हुए हैं, ऐसे में जरूरत पडऩे पर सरकार जरूरी कदम उठाएगी।

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