
तीन डॉक्टरों की जांच में सिन्हा के सारे दस्तावेज निकले गलत, सीएमएचओ को सौंपी जांच रिपोर्ट
उज्जैन. शहर में दो साल के दौरान सैकड़ों लोगों के इलाज के नाम पर जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले अरुण प्रसाद सिन्हा की मेडिकल डिग्रियां फर्जी निकली हैं। उसने एमबीबीएस, डीएमआरडी और एमडी रेडियोलॉजिस्ट की फर्जी डिग्री बना रखी थी। यहां तक कि मेडिकल काउंसिल से लिया रजिस्ट्रेशन नंबर भी नकली निकला है। खुद का डॉक्टर कहने वाले सिन्हा की यह कारगुजारी सीएमएचओ द्वारा बैठाई तीन सदस्यीय डॉक्टरों की जांच टीम ने उजागर की है। जांच टीम के डॉ. केके सिंह, डॉ. भोजराज शर्मा और डॉ. एचपी सोनानिया ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. संजय शर्मा को सौंपी है। अब सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। फ्रीगंज स्थित क्लीनिक के सील होने सहित उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज हो सकता है। सिन्हा की डिग्रियां फर्जी निकलने से व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
ऐसे पकड़ाया सिन्हा का फर्जीवाड़ा
डिग्री- अरुण प्रसाद सिन्हा ने बुंदेलखंड युनिवर्सिटी से जुड़े रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी से एमबीबीएस, डीएमआरडी और एमडी रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री लेना बताया था। यह डिग्री भी उसने सौंपी थी।
हकीकत- रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की ओर से लिखित में बताया गया कि उनके यहां से अरुण प्रसाद सिन्हा के नाम से किसी ने भी एमबीबीएस, डीएमआरडी और एमडी रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री नहीं ली है। यह मार्कशीट भी संदिग्ध है।
रजिस्ट्रेशन- अरुण प्रसाद सिन्हा ने मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन नंबर 55610 को दिनांक 17 नवंबर 2011 को ेलेना बताया।
हकीकत- जांच में मेडिकल काउंसिल ने लिखित में बताया कि 55610 नाम से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। यह रजिस्ट्रेशन नंबर गलत है।
डीएम डिग्री- अरुण सिन्हा ने डॉक्टोरेट ऑफ मेडिसिन की डिग्री कनाडा से करना बताया। डिग्री के दस्तावेज भी सौंपे साथ ही बताया कि अभी प्रोबेशनरी डिग्री है।
हकीकत- डॉक्टोरेट ऑफ मेडिसिन की डिग्री पत्राचार से नहीं होती। जब एमबीबीएस ही नहीं किया तो डीएम की डिग्री नकली है।
शहर में दो-दो क्लीनिक
अरुण प्रसाद सिन्हा बगैर एमबीबीएस की डिग्री किए खुद को न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट बताता था। इसके द्वारा ब्रेन अटैक, ब्रेन हेमरेज, चेहरे एवं मानसिक विकृति, शारीरिक लकवा, स्पाइन डिस्क, चक्कर मिर्गी, हाथ-पांव में कंपन जैसी जटिल बीमारियों के उपचार का दावा किया जाता था। अरुण सिन्हा ने फ्रीगंज में न्यूरेन नाम से क्लीनिक खोल रखा है तो महानंदा नगर स्थित घर पर वर्धनम मेडिनॉक्स के नाम से उपचार कर रहा था।
अरुण प्रसाद सिन्हा की एमबीबीएस सहित अन्य डिग्री के साथ मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला है। इसकी जांच कर रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंपी है। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी।
- डॉ. भोजराज शर्मा, आरएमओ व जांच समिति सदस्य
Published on:
07 Dec 2022 01:10 am
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