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कुमार पुरुषोत्तम ने संभाला उज्जैन कलेक्टर का पद

- कार्यभार ग्रहण करने से पहले पुरुषोत्तम कुमार ने महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की

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kumar prushottam IAS

मप्र में हुए IAS अफसरों के स्थानान्तरण के बाद से ही जहां इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है। वहीं दूसरी ओर 2012 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने सोमवार को ही उज्जैन कलेक्टर का पदभार ग्रहण कर लिया। ज्ञात हो कि कुमार पुरषोत्तम इससे पहले गुना, रतलाम व खरगोन में कलेक्टर के पद पर कार्यरत रहे हैं। कार्यभार ग्रहण करने से पहले पुरुषोत्तम कुमार ने महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की और भगवान महाकालेश्वर का आशीर्वाद लिया।

ऐसे समझें IAS कुमार पुरुषोत्तम की कार्यप्रणाली
दरअसल पूर्व में जब रतलाम से कुमार पुरुषोत्तम कलेक्टर का खरगौन तबादला हुआ था, तो उसी रात से सोशल मीडिया पर उनका ट्रांसफर रुकवाने की मुहिम शुरू हुई है। इस समय रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोगों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के नाम मैसेज कर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का ट्रांसफर रोकने की अपील की थी।

ज्ञात हो कि कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कोरोना की दूसरी लहर में बिगड़े हुए हालातों के बीच गुना से स्थानांतरित होकर रतलाम की कमान संभाली थी। जिसके बाद आदिवासियों को उनकी बेशकीमती जमीन वापस दिलवाने और जनसुनवाई में आम लोगों की सुनवाई कर कुमार पुरुषोत्तम की छवि आम जनता के कलेक्टर के रूप में बनी थी।

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आम जनता में कुमार पुरुषोत्तम जितने सहज और सरल माने जाते थे, उतने ही सख्त वह भू माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के प्रति रहे। इन्होंने यहां अपने 1 साल के कार्यकाल में भू माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ से हड़पी गई करोड़ों रुपए की शासकीय ज़मीन शासन को वापस करवाई। इसके अलावा रतलाम शहर के विकास के लिए ट्रांसपोर्ट नगर, ऑडिटोरियम, जिला अस्पताल रीडेंसीफिकेशन के लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट को शुरू करवाया था।

अपनी तेजतर्रार कार्यप्रणाली की वजह से कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम जनता के बीच जितने लोकप्रिय हुए उतने ही वह भू माफियाओं की आंख की किरकिरी भी बन रहे थे। इसी के चलते उस समय मध्यप्रदेश शासन के स्थानांतरण के आदेश आने के बाद आम लोगों ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के ट्रांसफर को रुकवाने की अपील सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की थी।