14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहरों की तर्ज पर अब गांवों की बनेगी कुंडली…

अब पंचायतीराज विभाग मास्टर प्लान बनाने के लिए राजस्व विभाग की मदद से काम शुरू करेगा।

less than 1 minute read
Google source verification
udaipur master plan

udaipur master plan

उदयपुर. शहरों के विकास की भांति अब गांवों के विकास का भी खाका तैयार होने जा रहा है। गांवों के सुनियोजित विकास के लिए राज्य सरकार के विलेज मास्टर प्लान बनाने को लेकर गाइडलाइन जारी की है।अब पंचायतीराज विभाग मास्टर प्लान बनाने के लिए राजस्व विभाग की मदद से काम शुरू करेगा। गांवों में आने वाले 30 वर्ष बाद क्या जरूरत रहेगी और उसका विकास कैसे किया जाए? इसका पूरा प्लान तैयार होगा।ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर एवं जिला परिषद सीईओ को विलेज मास्टर प्लान बनाने को लेकर पूरी समीक्षा करने को कहा है। इस पर काम शुरू अब होगा लेकिन पेपर वर्क शुरू हो गया है। पहले ऐसे गांवों की सूची तैयार की जा रही है और उसके बाद उन गांवों का मास्टर प्लान बनाने की कवायद पर काम किया जाएगा।


ऐसी होगी गांवोंकी तस्वीर


सघन आबादी वाले गांवों में गांव की परिधि से बाहर बाइपास का निर्माण हो।
हरियाली व शुद्ध हवा के लिए पार्क व खुली जगह हो।
गांव के तालाब, बावड़ी व पहाड़ों को संरक्षित किया जाए।
वर्षा जल संग्रहण एवं संरक्षण के स्थान चिन्ह्ति करेंगे।
खेल मैदान का विकास।
पेयजल की योजना।
पशु जनसंख्या के लिए जरूरी सुविधाएं।
कृषि, खनिज व वन संसाधनों के प्रभाव पर ध्यान।
पशुधन के लिए चरगाह भूमि आरक्षित की जाए।
जरूरत पर रेलवे केलिए भूमि।
स्कूल, कॉलेज व छात्रावासकी सुविधा।

ऐसा होगा मास्टर प्लान


अगले 30 वर्षों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विलेज मास्टर प्लान बनाए जाएगा। इसमें वर्ष 2050 तक की संभावित जरूरतों को लिया जाएगा। बड़े स्तर पर फोकस होगा कि भविष्य के लिए क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, आबादी विस्तार, खेल सुविधाएं, पार्क, सरकारी भवनों की जरूरत, सडक़ों व अन्य विकास की योजनाएं शामिल है।


बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग