
नए कलक्टर को पता चला शिक्षा विभाग की रैंकिंग 29वें स्थान पर, बोले एक्शन लें
उदयपुर के नए कलक्टर ने हर विभाग से अपने-अपने क्षेत्र में आमजन को राहत देने के लिए विकास कार्यों और लोकहितकारी कार्यक्रमों से जुड़े प्रस्तावों को तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। यहीं नहीं वे बोले कि बजट की आवश्यकता की पूर्ति का काम जिला प्रशासन का है। उन्होंने शिक्षा विभाग की रैंकिंग 29वें स्थान आने पर नाराजगी जताई।
जिला कलक्टर ताराचंद मीणा अपराह्न में जिला परिषद सभागार में जिले के प्रमुख विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कलक्टर ऐसी संस्था है, जिसका जो भी विभाग ज्यादा उपयोग करेगा, वो उससे ज्यादा फायदा प्राप्त कर सकेगा। कुछ पाने के लिए विभाग के अधिकारी को पहल करनी होगी। कार्यग्रहण के तत्काल बाद कलक्टर मीणा की यह पहली बैठक थी। उन्होंने एक-एक कर स्वयं ने ही विभागीय आला अधिकारियों से उनके विभाग की प्रमुख योजनाओं के नाम बताते हुए उसके प्रावधानों को बताते हुए अब तक की प्रगति के बारे में पूछा तो कुछ विभागीय अधिकारियों को बताते ही नहीं बना।
शिक्षा विभागीय समीक्षा दौरान कलक्टर ने जिले की 29 वीं रैंकिंग जानकर नाराजगी जताई और कहा कि रैंकिंग किन बिंदुओं पर पिछड़ रही है उस पर फोकस करो। अधिकारियों ने इस संबंध में अधीनस्थों से बातचीत करने के बारे में बताया तो कलक्टर ने तल्ख लहजे में कहा कि जो कार्मिक रैंकिंग पिछडऩे के लिए जिम्मेदार है उनके विरूद्ध एक्शन लो। कलक्टर ने जिले में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डीएमएफटी में प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
कॉलेज शिक्षा की समीक्षा बैठक में कलक्टर मीणा ने सहायक निदेशक को निर्देश दिए कि समस्त कॉलेजों से 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की सूची लेवे और वंचित बच्चों का तत्काल वेक्सीनेशन करवाएं।
Updated on:
18 Jan 2022 10:43 am
Published on:
18 Jan 2022 10:30 am
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
