परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि जेट टॉपर अभ्यर्थी के 480 में से 417 अंक है, जबकि वह एग्रीकल्चर से है और उसने फिजिक्स में टॉप कर लिया। छात्रों का आरोप है कि इस परीक्षार्थी की जगह फिजिक्स के फर्जी छात्र ने परीक्षा दी। छात्रों ने कहा कि टॉप 200 में से 127 अभ्यर्थी फर्जी बैठे थे। साथ ही अजमेर के एक सेन्टर से 250 परीक्षार्थी चयनित हुए।
पांच बार बदली आंसर की
परीक्षार्थियों ने बताया कि जेट परीक्षा 20 मई को हुई थी। प्रथम आंसर की 25 मई को जारी की गई। इसके बाद अगले चार दिन तक विश्वविद्यालय रिवाइज आंसर की जारी करता रहा। एक परीक्षा की कुल पांच बार आंसर की जारी की गई। परीक्षा परिणाम 5 जून को जारी किया गया था।
परीक्षार्थियों ने बताया कि जेट परीक्षा 20 मई को हुई थी। प्रथम आंसर की 25 मई को जारी की गई। इसके बाद अगले चार दिन तक विश्वविद्यालय रिवाइज आंसर की जारी करता रहा। एक परीक्षा की कुल पांच बार आंसर की जारी की गई। परीक्षा परिणाम 5 जून को जारी किया गया था।
प्रश्न हटाए, पूर्णांक गड़बड़ाया
परीक्षार्थियों ने बताया कि जेट प्रश्न पत्र से कुछ विषयों के प्रश्नों को हटा दिया गया जिससे विद्यार्थियों के कुल पूर्णांक में भी अंतर आ गया। जेट परिणाम में कृषि संकाय के विद्यार्थियों का 460, जीवविज्ञान व गणित संकाय के विद्यार्थियों का 472 अंक में से परिणाम जारी किया। एक ही परीक्षा में अलग-अलग पूर्णांक के कारण विद्यार्थियों की वरीयता सूची में भी काफ ी अंतर आ गया।
परीक्षार्थियों ने बताया कि जेट प्रश्न पत्र से कुछ विषयों के प्रश्नों को हटा दिया गया जिससे विद्यार्थियों के कुल पूर्णांक में भी अंतर आ गया। जेट परिणाम में कृषि संकाय के विद्यार्थियों का 460, जीवविज्ञान व गणित संकाय के विद्यार्थियों का 472 अंक में से परिणाम जारी किया। एक ही परीक्षा में अलग-अलग पूर्णांक के कारण विद्यार्थियों की वरीयता सूची में भी काफ ी अंतर आ गया।
कार्रवाई के निर्देश
परीक्षा को लेकर यदि किसी प्रकार की आपत्ति एवं किसी व्यक्ति विशेष की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। आपत्तियों के बाद हटाए गए प्रश्नों के अंकों को अन्य प्रश्नों में समान रूप से वितरित कर दिया गया है। प्रवेश से पूर्व सभी छात्रों की प्रमाणिकता सिद्ध होने पर ही अभ्यर्थी का प्रवेश मान्य होगा।
प्रो. उमाशंकर शर्मा, कुलपति, एमपीयूएटी
परीक्षा को लेकर यदि किसी प्रकार की आपत्ति एवं किसी व्यक्ति विशेष की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। आपत्तियों के बाद हटाए गए प्रश्नों के अंकों को अन्य प्रश्नों में समान रूप से वितरित कर दिया गया है। प्रवेश से पूर्व सभी छात्रों की प्रमाणिकता सिद्ध होने पर ही अभ्यर्थी का प्रवेश मान्य होगा।
प्रो. उमाशंकर शर्मा, कुलपति, एमपीयूएटी