
पोलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ में मध्यकालीन हिंदी साहित्य पर मंथन के लिए अगले साल 19 से 23 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन होगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी विभिन्न देशों में हिंदी के बेहतरीन कवियों, आलोचकों को न्योते भेज रही है।
सेमिनार में हिंदी साहित्य से जुड़े 500 विशेषज्ञ भाग लेंगे, जो हिंदी का दूसरी भाषाओं से तुलनात्मक अध्ययन पर मंथन करेंगे। मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी सलाहकार प्रो. प्रदीप त्रिखा ने बताया कि हिंदी साहित्य सम्मेलन के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ आमंत्रण पत्र भेज रही है। यह हमारे के लिए गर्व का बात है। बता दें कि विदेशों में हिंदी प्रति रुझान तेजी से बढ़ रहा है। पोलैंड में प्रस्तावित यह आयोजन भी इस बात को पुख्ता कर रहा है। इससे हिन्दी प्रेमियों में खासा उत्साह है।
विश्व की 18 फीसदी आबादी हिंदी की जानकार
हिंदीविद् डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल की शोध रिपोर्ट के अनुसार विश्व के 53 देशों में 1270 मिलियन लोग हिंदी जानते हैं। विश्व की 18 प्रतिशत आबादी हिंदी जानती है। रिपोर्ट के अनुसार चीन की मंदारिन को पीछे छोड़कर हिंदी ने विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा का गौरव पा लिया है।
करीब 900 मिलियन लोग मंदारिन जानते है, जो कि विश्व की कुल आबादी का 12.85 प्रतिशत है, जबकि हिंदी जानने वालों की संख्या 17.17 प्रतिशत हो गई है। सुविवि में हिंदी विभाग अध्यक्ष प्रो. माधव हाड़ा बताते हैं कि हिंदी वैज्ञानिक और सरल भाषा है। भारत में बड़ी उपभोक्ताओं की सख्या को देखते हुए विदेशों में हिंदी का प्रचलन बढ़ रहा है।
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यह है विश्व की प्रमुख 7 भाषाओं की स्थिति
भाषा बोलने वाले प्रतिशत
हिंदी 1270 मिलियन 18
मंदारिन 900 मिलियन 12.85
स्पेनिश 360 मिलियन 5.14
अंग्रेजी 340 मिलियन 4.85
रूसी 160 मिलियन 2.28
अरबी 100 मिलियन 1.42
फ्रेंच 70 मिलियन 01
स्रोत : डॉ. नौटियाल का शोध
Published on:
20 Jul 2017 11:40 am
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