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शीतकालीन प्रवास पर बर्ड व‍िलेज आए ग्रेटर फ्लेमिंगो के पांव में चोट, मुश्किल हुई आगे की राह

मेनार के धण्ड तालाब में सोमवार शाम बर्ड वॉचिंग के दौरान फ्लेमिंगो लडखड़़ाता दिखाई दिया

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मेनार . शीतकालीन प्रवास पर हर साल हजारों Migratory birds परिंदे बर्ड विलेज menar village मेनार सहित विभिन्न जलाशयों का रुख करते हैं। जिनमें कुछ पक्षी यहीं छूट जाते हैं तो कुछ अनहोनी का शिकार हो अपने वतन नहीं लौट पाते हैं। असल में कुछ परिंदे यहां आने के बाद किसी दुर्घटना या चोट से उभर नहीं पाते हैं। इन्ही कारणों से उनके प्रवास सहित आगे का सफर दु:खद हो जाता है।

सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही भोजन और आश्रय की तलाश में इस बार सैकड़ों Greater Flamingo
फ्लेमिंगो का एक बड़ा समूह आईबीए लेक क्षेत्र में पहुंचा, लेकिन इसी समूह के एक साथी का शीतकालीन प्रवास संघर्षभरा रहने वाला है। मेनार के धण्ड तालाब में सोमवार शाम बर्ड वॉचिंग के दौरान पक्षी मित्र दर्शन मेनारिया, राधेश्याम कानावत, दुर्गेश भलावत आदि साथियों को एक फ्लेमिंगो लडखड़़ाता दिखाई दिया। थोड़ा नजदीक जाकर बायनाकुलर से देखने पर पांव चोटिल होने का पता चला। जलाशय किनारे से करीब 20 मीटर की दूरी पर उथले पानी में अपनी एक टांग पर संघर्ष करते देख पक्षी मित्र दर्शन ने क्षेत्रीय वनाधिकारी सोमेश्वर त्रिवेदी को सूचना दी।
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इनका कहना है ....
बड़े आकार का खूबसूरत पक्षी है फ्लेमिंगो। किन्हीं कारणों से अगर उसका पांव चोटिल हुआ है तो इसकी सूचना विभाग को देकर जल्दी इलाज करवाना चाहिए। क्योंकि लगातार एक ही टांग पर खड़े रहने और घाव पर पानी लगने से इंफेक्शन के खतरे सहित अन्य रेपटर पक्षी सहित गीदड़, लोमड़ी या श्वान से इसकी जान को खतरा हो सकता है।

- डॉ. सतीश शर्मा, वन्यजीव विशेषज्ञ, उदयपुर।