
Granite Industries Workers working in the shadow of death
चन्दनसिंह देवड़ा उदयपुर.ग्लोबल नेचुरल स्टोन इंडस्ट्री में राजस्थान का ग्रेनाइट Granite of Rajasthan अपनी धाक जमाते हुए ब्राजील को टक्कर दे रहा है, वहीं भारत से मार्बल का सर्वाधिक निर्यात प्रदेश कर रहा है। दक्षिण भारत की कई कंपनियां अब यहां अपने प्लांट लगा रही हैं। दूसरी ओर, मार्बल इंडस्ट्री के सामने विदेशी स्टोन स्लेब चुनौतियां पेश कर रहा है। यह बात फेडरेशन ऑफ इंडियन ग्रेनाइट एंड स्टोन इंडस्ट्री(फिग्सी) के चेयरमैन इश्वेन्द्रसिंह ने गुरुवार को उदयपुर में आयोजित सेमिनार में कही। मार्बल उद्योग के वर्तमान परिदृश्य विषयक सेमिनार के मुख्य अतिथि खान निदेशक जेके उपाध्याय थे। मुख्य वक्ता कैैपेक्सल के चेयरमैन वीरामणि रहे।
कार्यकारी समिति की बैठक
फिग्सी की ओर से 6 से 9 फरवरी 2020 को बेंगलूरु में स्टोना-2020 फेयर लगाया जाएगा जिसकी तैयारियों को लेकर कार्यकारी समिति की बैठक भी हुई। इस अवसर पर स्टोना का प्रमोशन किया गया। चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फेयर में देश-विदेश के 600 से ज्यादा मार्बल उद्यमी हिस्सा लेंगे। इसमें एक ही छत के नीचे नई माइनिंग तकनीक, प्रोसेसिंग, टूल एंड मशीनरी टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट की जानकारी के साथ ही वेल्यू एडिशन के अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा।
जीएसटी दर में हो कमी
स्टोना फेयर मार्बल इण्डस्ट्री से जुड़े उद्यमियों के प्रमोशन का बड़ा प्लेटफार्म है। सरकार को सैंड स्टोन पर लागू 5-18 प्रतिशत जीएसटी को कम करना चाहिए ताकि लोकल मार्केट में भी यह उद्योग फले-फूले। इंडस्ट्री में स्किल्ड वर्कर्स की काफी कमी है। सरकार ने इसके लिए कोई कोर्स संचालित नहीं कर रखा है। ऐसे में फिग्सी बेंगलूरु में 6 करोड़ रुपए की लागत से पहला इंस्टीट्यूट शुरू करेगा जिसमें माइनिंग मशीनरी, प्रोसेसिंग के बारे में सिखाया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में भी ऐसा केन्द्र खोलने का विचार है।
हरिमोहन शर्मा, राजस्थान चैप्टर हैड, फिग्सी
आर्टिफिशियल क्वार्टस स्लेब बने चुनौती
मार्बल इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल क्वार्टर्स स्लेब आने से नेचुरल स्टोन बाजार चुनौती के दौर से गुजर रहा है। सेरेमिक टाइल्स से पहले ही असर पड़ रहा था। दूसरी ओर सरकार ने ओपन जनरल लाइसेंस पॉलिसी बना दी जिससे विदेशों का डम्प मटेरियल कोई भी मंगवा सकता है। ऐसे में स्थिति यह हो गई है कि क्वालिटी को देखे बिना ही यह माल भारत में आना शुरू हो गया। सरकार निर्यात को प्रोत्साहन देने के साथ माइनिंग और एनजीटी की पॉलिसी भी सरल करें।
कलित भंडारी, संयुक्त सचिव, फिग्सी
Published on:
19 Jul 2019 12:54 pm
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