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उमेश मेनारिया/मेनार. बुधवार को चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन आसमान में चांद का नजारा बेहद खूबसूरत दिखा है। हालांकि इसके दीदार करने के लिए घण्टो इंतज़ार करना पड़ा क्योंंकि बादल छा जाने से ये मेनार में करीब रात्रि 09 बजकर 13 मिनट पर दिखाई दिया । शुरुआत में इसके चारोंं ओर जरेली बनी हुई थी जिसे गांवोंं में आगामी दिनों में बारिश का संकेतक माना जाता है। इस तिथि पर पूरा चांद भरपूर राेेशनी के साथ निकला। इस समय पर चांद धरती के बेहद नजदीक होने से इसे सुपरमून भी कहा जाता है। 8 अप्रैल पूर्णिमा की रात को साल 2020 का सबसे बड़ा और चमकीला चंद्रमा दिखा। इस दिन चांद सामान्य रूप से आकार में 14 फीसदी बड़ा और चमक के लिहाज से 30 फीसदी ज्यादा चमकदार नजर आया ।
दरअसल, चांद से धरती की दूरी करीब 4,06,692 किमी होती है। इस दूरी को विज्ञान की भाषा में एपोजी कहा जाता है। वहीं जब चंद्रमा और पृथ्वी सूरज का चक्कर लगाते हुए एक-दूसरे से सबसे करीब आ जाते हैं, तब इनके बीच की दूरी 3,56,500 किमी होती है। इसे पेरिजी कहते हैं। जिस दिन और जिस समय चांद और धरती एक-दूसरे के सबसे करीब होते हैं, यानी पेरिजी में होते हैं, उसी दिन सुपरमून दिखाई देता है।
Published on:
09 Apr 2020 03:17 pm
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