
उदयपुर। सावधान…! अगर आप भी अनजान नंबर से कॉल आने और आवाज से रिश्तेदारों और परिचितों को पहचानकर ऑनलाइन राशि भेज रहे हैं तो हो सकता है आप भी ठगी की शिकार हो जाए। ठगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग कर परिचितों और रिश्तेदारों की आवाज का उपयोग करना शुरू कर दिया है। मजबूरी बताकर ये लोग आसानी से लोगों को ठग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उदयपुर में गत दिनों दो वारदातें ऐसी ही हो गई। हालांकि इनका मामला दर्ज नहीं करवाया गया है, लेकिन परिचितों की आवाज में फोन आने पर दोनों व्यक्ति आसानी से ठग लिए गए। ठगी की वारदात में एक व्यक्ति से दस हजार रुपए और दूसरे से 4 हजार रुपए ठगे गए।
ठग किसी भी माध्यम से फोन की जानकारी जुटा लेते हैं। इसके बाद मोबाइल पर आने वाले कॉल को रिकॉर्ड कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के उपयोग से हूबहू आवाज बना लेते हैँ। इसके बाद मजबूरी बता कर ठगी की जाती है।
किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर उसकी बात सुने और पुष्टि करें कि वह कॉल वाकई में परिचित ही कर रहा है। इसके लिए परिचित के नंबर पर कॉल कर सकते हैं। परिचित के परिजनों को कॉल करके पता लगा सकते हैं। इसके साथ ही अगर परिचित आसपास से बात कर रहा है तो स्वयं मौके पर पहुंचकर सकते हैं।
केस 01
एक व्यक्ति के पास अनजान नंबर से फोन आया। उसने अपना नाम उसके खास परिचित का बताया और अस्पताल में भर्ती होने का बहाना बनाकर 10 हजार रुपए की आवश्यकता बताई। जिस परिचित का नाम बताया उसकी आवाज और फोन पर आ रही आवाज एक जैसी होने से पीड़ित ने मानवता के नाते तुरंत राशि ट्रांसफर कर दी। बाद में हालचाल पूछने पर पता चला कि परिचित व्यक्ति तो पूर्णतया स्वस्थ है और उसने मदद भी नहीं मांगी थी।
केस 02
इसी प्रकार एक व्यक्ति के फोन पर ठग का फोन आया और उसने परिचित की आवाज में ही उसका नाम बताते हुए उदयपुर से बाहर जाने और पर्स गुम होने का बहाना बनाते हुए चार हजार रुपए की आवश्यकता बताई। इस पर पीड़ित झांसे में आ गया और उसने ठग द्वारा बताए नंबर पर चार हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। परिचित से बात होने पर ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
अगर आपके पास ऐसा कोई कॉल आता है तो पहले कॉल करने वाले की पहचान करें। नम्बर वेरिफाई करें। दोबारा कॉल करने का कहे। इस दौरान अपने परिचित को ही कॉल कर वास्तविकता पता करें। व्यक्तिगत जानकारी कभी न दें, इस तरह के फर्जी कॉल आने पर किसी भी परिस्थिति में अपनी गोपनीय जानकारी नहीं दें। खासतौर पर बैंक खाते, पैन कार्ड या आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी। जब भी कोई आपसे पैसों की मांग करे तब तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की गलती नहीं करें। इसके साथ ही ठगी होने पर तुरंत थाने में जाकर शिकायत करें। इसके लिए साइबर क्राइम पोर्टल https//cybercrime. gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।
श्याम चंदेल, साइबर एक्सपर्ट
Published on:
03 Oct 2024 04:09 pm
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