बयान में TNML ने लिखा है, “तमिल फिल्मों में अक्सर मुस्लिमों को आतंकवादी दिखाया जाता रहा है। इस्लामवादियों को बम फोड़ने और बंदूक से गोलीबारी वाला दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फिल्म के दृश्यों को देख कर लगता है कि केवल इसमे ही देश की शांति और सम्प्रभुता पर हमला करते हैं। 2015 की भीषण बाढ़ के दौरान इस्लामी संगठनों द्वारा किए गए राहत कार्य को कोई नहीं भूल सकता। इस्लामी संगठनों ने कोरोना के मृतकों को दफनाया।”
उन्होंने दावा किया कि इस्लामी संगठन विभिन्न आपदाओं में बिना अपने जीवन की परवाह किए लोगों की सेवा और राहत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि रमजान के महीने में जब मुस्लिम रोजा रख रहे हैं, इस फिल्म की रिलीज होने से तनाव बढ़ सकता है। राज्य के गृह सचिव एसके प्रभाकर को ये पत्र भेजा गया है। संगठन ने याद दिलाया कि इससे पहले सामाजिक संगठनों को अपनी जाति की पहचान और जाति के नेताओं के नाम तक रखने पर फिल्मी किरदारों का विरोध करते देखा गया है।
जहाँ तक, ‘Beast’ की बात है, इसका मुकाबला यश की कन्नड़ फिल्म ‘KGF Chapter 2’ से होने वाला है। ‘Beast’ के निर्देशक नेल्शन दिलीप कुमार हैं, जो सुपरस्टार रजनीकांत की अगली फिल्म (169वीं) में भी निर्देशक का जिम्मा संभाल रहे हैं। उस फिल्म की तरह इसमें भी अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत है। फिल्म में पूजा हेगड़े और सेल्वा राघवन मुख्य भूमिकाओं में हैं। कॉमेडियन योगी बाबू भी इसमें दिखेंगे। इसका बजट 150 करोड़ रुपए है।