
भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार खटीक के पास है आज भी 5 हजार कीमत वाला स्कूटर।
lok sabha election 2024 - टीकमगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए वीरेंद्र कुमार खटीक अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। वे केंद्र में मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। जब भी अपने घर आते हैं तो वही पुराना स्कूटर निकालकर उस पर निकल पड़ते हैं। पहले वे साइकिल सुधारने का काम करते थे अब केंद्रीय मंत्री हैं।
एक बार फिर वीरेंद्र कुमार खटीक (Virendra Kumar Khatik) टीकमगढ़ से भाजपा के उम्मीदवार बनाए गए हैं। उन्होंने अपने शपथ पत्र में संपत्ति का ब्योरा दिया है, उसके मुताबिक उनकी संपत्ति में पिछले पांच साल में लगभग 48 लाख का इजाफा हुआ है। उनके पास वाहन के रूप में महज एक स्कूटर है, जिसकी कीमत पांच हजार रुपए बताई गई है। वीरेंद्र के पास 2019 में चल-अचल संपत्ति की कीमत 94 लाख 68, हजार 991 थी। अब एक करोड़ 42 लाख 70 हजार 572 रुपए की संपत्ति है। इनमें से अचल संपत्ति 1.34 करोड़ की है।
वीरेंद्र के सामने कांग्रेस के पंकज अहिरवार हैं। उनके पास संपत्ति के रूप में नकद पांच लाख रुपए, बैंक खातों में 12,320 रुपए हैं। एक बाइक है। जेवर में करीब 20 ग्राम सोना है। कीमत एक लाख रुपए बताई गई है। अचल संपत्ति की बात करें तो उसकी कीमत पंकज ने 80 लाख रुपए बताई है।
टीकमगढ़ से सात बार से सांसद के पिता सागर में पंचर बनाने का काम किया करते थे। वे भी अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाते थे। वीरेंद्र कुमार केंद्रीय मंत्री (Union Cabinet Minister for Social Justice and Empowerment of India) जरूर हैं, लेकिन वे अपनी जमीन को कभी नहीं भूलते। आज भी वे पंचर की दुकान पर युवाओं को पंचर बनाने की तकनीक सिखाने लग जाते हैं। ऐसे ही तस्वीर अक्सर सामने आती है जब वे दिल्ली से अपने घर आते हैं। पिछली बार भी जब वे घर आए तो पत्नी ने सब्जी लाने को कह दिया, फिर क्या था मंत्रीजी ने भी थैला थाम दिया। इस पर वह पैदल ही सब्जी लेने के लिए घर से निकले तो सामने ई-रिक्शा मिल गया। ई-रिक्शा पर सवार होकर वह सब्जी मंडी पहुंचे और यहां पर देशी भिंडी की तलाश की। एक किसान के पास देशी भिंडी मिलने पर उन्होंने एक-एक भिंडी छांटी और तौल कराया और मोलभाव भी किए।
डॉ. वीरेंद्र खटीक ने 10 सालों तक साइकिल रिपेयर कर अपने परिवार का खर्च चलाया। खटीक जब 5वीं में थे तब पिताजी की दुकान पर बैठना शुरू कर दिया था। खटीक कहते हैं कि सागर के गौरमूर्ति पर एक साइकिल रिपोयरिंग की दुकान खोली थी। सभी भाई-बहन की पढ़ाई का खर्चा भी उसी दुकान की कमाई से चलता था। खटीक ने सागर विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान साइकिल रिपोयरिंग का काम किया। कई बार लापरवाही से काम करते थे तो पिता की डांच का भी सामना करना पड़ता था। आज भी वे अपने पुराने स्कूटर पर सवार होकर जनता के सुख-दुख में हिस्सा लेने निकल पड़ते हैं। पुराना स्कूटर ही उनकी पहचान बन गया था। वे सरल और सहज स्वभाव होने के कारण स्थानीय लोगों में काफी चर्चित हैं।
खटीक का जन्म सागर में 27 फरवरी 1954 को हुआ था। उनकी पत्नी कमल खटीक गृहिणी हैं। उनका एक बेटा और एक बेटी है। डा. खटीक ने पहला चुना सागर संसदीय क्षेत्र से जीता था। 11वीं लोकसभा वे पहली बार सांसद चुने गए थे। इसके बाद 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा में सागर से प्रतिनिधित्व किया। टीकमगढ़ परिसीमन होने के बाद 15वीं, 16वीं लोकसभा का चुनाव टीकमगढ़ सीट से जीता था। डा. खटीक इस वक्त 17वीं लोकसभा में भी टीकमगढ़ से सांसद हैं और केंद्र की मोदी सरकार में सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री हैं।
Updated on:
04 Apr 2024 10:06 am
Published on:
04 Apr 2024 10:02 am
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