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महादेव के इस अद्भुत मंदिर में दूर होते हैं कई ‘असाध्य रोग’! आधी रात को आते हैं हजारों की संख्या में सांप

पंचमुखी शिवलिंग का रहस्य...

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very special temple of Lord bholenath

very special temple of Lord shiv

यूं तो आपने देश के तमाम शिवमंदिरों के बारें में सुना या देखा ही होगा। इनमें से जहां कई मंदिर चमत्कारिक माने जाते हैं,जिनके रहस्य को आज तक विज्ञान भी नहीं खोज पाया है, वहीं इन मंदिरों के चमत्कारों से जुड़ी घटनाओं को भी आपने भी कई जगह पढ़ा ही होगा। ऐसे में आज हम आपको देश में मौजूद ऐसे शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जिसके संबंध में कहा जाता है कि यहां मौजूद शिवलिंग के स्पर्श मात्र से कई असाध्य रोग दूर हो जाते हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ के पास स्थित बोधेश्वर महादेव के मंदिर को लेकर लोगों में गहन आस्था है। इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि मंदिर स्थित शिवलिंग के स्पर्श मात्र से ही लंबे समय से पीड़ित गंभीर रोग दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं, इस मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं और दर्शन के साथ ही अपने रोगों से मुक्ति पाते हैं।

इस मंदिर को लेकर एक कथा बेहद प्रचलित है जिसके अनुसार कहा जाता है कि एक बार नेवल के राजा को भगवान शिव ने सपने में आकर पंचमुखी शिवलिंग, नंदी और नवग्रह स्थापित करने के आदेश दिए। भगवान शिव से आदेश प्राप्त करने के बाद राजा ने इस कार्य को प्रारंभ किया और जब पंचमुखी शिवलिंग, नंदी और नवग्रह का निर्माण हो गया, तो रथ पर इन्हें लेकर नगर में प्रवेश किया जाने लगा।

तभी अचानक रथ का पहिया जमीन में धंसने लगा और लाख प्रयास के बाद भी रथ के पहिए को जमीन से नहीं निकाला जा सका। अंत में राजा ने उसी स्थान पर शिवलिंग, नंदी और नवग्रह की स्थापना कर भव्य मंदिर का निर्माण कराया। वहीं भगवान शिव द्वारा बोध कराए जाने के कारण इस मंदिर को 'बोधेश्वर महादेव' का मंदिर कहा जाता है।

ये मंदिर है अद्भुत
इस मंदिर की बनावट बेहद खूबसूरत है और इसे 15वीं शताब्दी की कलाकृति कही जाती है। मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग के पत्थर के विषय में कहा जाता है कि यह पत्थर दुर्लभ है और 400 साल पहले विलुप्त हो चुका है। अब धरती पर यह पत्थर नहीं मिलते हैं। वहीं नंदी और नवग्रह में जो पत्थर लगे हैं, उन पर पाषाण काल की पच्चीकारी की गई है, जो अपने आप में अद्भुत है।

आधी रात को हजारों की संख्या में सांप
यहां के रहने वाले स्थानीय लोग कहते हैं कि आधी रात को हजारों की संख्या में इस मंदिर में सांप आते हैं और शिवलिंग के स्पर्श के बाद वापस जंगलों की तरफ चले जाते हैं। हालांकि लोग इस बात को भी बताते हैं कि आज तक इन सांपों द्वारा स्थानीय लोगों को हानि नहीं पहुंचाई गई है। ये सांप चुपचाप आते हैं और शिवलिंग के स्पर्श के बाद वापस अपने धाम को चले जाते हैं।

दूर होते हैं असाध्य रोग
इस मंदिर के विषय में यह भी प्रचलित है कि लोग यहाँ आकर मंदिर के शिवलिंग को स्पर्श करते हैं और उनके लम्बे समय से चले आ रहे असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं।