
करोड़ो हिंदुओं की आस्था का प्रतीक सबरीमाला मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। सबरीमाला मंदिर को भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों से एक माना जाता है। करेल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 175 किलोमीटर की दूर स्थित है पंपा क्षेत्र।
पंपा से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर लंबी पर्वत श्रृंखला और घने वन हैं। इसी वन क्षेत्र में स्थित है सबरीमाला मंदिर। हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिये आते हैं। आइए, आज जानते हैं, अय्यप्पा स्वामी मंदिर से जुड़ी मान्यताएं...
1. मकर ज्योति
इस मंदिर के पास मकर संक्रांति की रात थोड़ी-थोड़ी देर में एक ज्योति दिखाई देती है। जब ये रोशनी नजर आती है तो इसके साथ कुछ आवाज भी आती है। यह सब घने अंधेरे में होता है, जो किसी आश्चर्य से कम नही है। इस ज्योति को देखने के लिये करोड़ो लोग दूर-दूर से आते हैं।
2. सिर्फ ये लोग कर सकते हैं मंदिर में प्रवेश
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री अयप्पा ब्रह्मचारी थे, इस वजह से यहां पर 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। मंदिर में मासिक धर्म के आयु वर्ग में आने वाली स्त्रियों का जाना प्रतिबंधित है। मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि यहां 1500 साल से महिलाओं के प्रवेश पर बैन है।
3. तुलसी, रुद्राक्ष माला
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भक्त तुलसी या फिर रुद्राक्ष की माला धारण कर और व्रत रखकर यहां दर्शन करें तो उसकी सभी मनोकामना पूरी हो जाती हैं, क्योंकि अयप्पा स्वामी को रुद्राक्ष और तुलसी की माला बहुत प्रिय है।
4. भगवान विष्णु और शिव के पुत्र हैं श्री अयप्पा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री अयप्पा को भगवान विष्णु और शिव का पुत्र कहा जाता है।
5. दर्शन से 41 दिनों पहले से रखना पड़ता है व्रत
मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिये 41 दिनों पहले से ही तैयारियां करनी पड़ती हैं। यहां दर्शन करने वाले भक्तों को दो महीने पहले से ही मांस-मछली, मदिरा का सेवन करना छोड़ना पड़ता है और ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है।
Published on:
15 Nov 2019 04:29 pm
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