
SURAT NEWS:श्रीमद्भागवत सभी वेद, पुराण, महाभारत आदि ग्रंथों का सार
सूरत. भक्तिविकास स्वामी महाराज ने रविवार को इस्कॉन मातावाडी श्यामसुंदर मंदिर में आयोजित प्रवचन में कहा कि हमारी वेदिक संस्कृति महान है और वेदों का सार श्रीमद्भागवत के रूप में जाना जाता है। वेदों का सार जो कृष्ण प्रेम है उसकी प्राप्ति कराने में सहायक होता है। सबके घरों में श्रीमद्भागवतम् गृंथ होना चाहिए और नित्य पठन करना चाहिए। भगवान के बारे में सुनना भौतिक जगत में किसी भी अन्य कार्य से ज्यादा महत्वपूर्ण है। वैदिक साहित्य में समस्त ज्ञान भरा है, परंतु इसका सारांश कृष्ण भक्ति है। महाराज ने बताया कि वेदों को समझना आसान नहीं है, परंतु वेदों का सार भगवतम् को हम आसानी से समझ सकते हैं। धर्म के मूर्तिमान स्वरूप भगवान कृष्ण जब इस धरा धाम से चले जाते हैं तब कलयुग का आरंभ हो जाता है, तब श्रीमद्भागवतम् के रूप में यह ग्रंथ सूर्य की भांति हम सबको ज्ञान का प्रकाश प्रदान कर रहा है। श्रीमद्भागवतम् को अमल पुराण कहा गया है और यह भक्तों का प्रिय ग्रंथ है। सनातन धर्म की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां भी भागवत ग्रंथ है, तुलसी जी है, गंगा जल है और भगवान के शुद्ध भक्त हैं वहां श्री कृष्ण का निवास होता है। यह ग्रंथ भगवान कृष्ण से अभिन्न है और धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों से ऊपर उठकर यह हमको कृष्ण प्रेम प्रदान करता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गर्ग का स्वागत
सूरत. शहर के वेसू स्थित गुजरात प्रदेश अग्रवाल सम्मेलन कार्यालय में रविवार को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष गोपालशरण गर्ग के सम्मान में अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर अग्रसेन महाराज व कुलदेवी मां लक्ष्मी की आरती की गई और बाद में प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण बंका को सभी ने मौन श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष गर्ग का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष रामकरण बाजारी, महामंत्री पुरुषोत्तम अग्रवाल, युवा प्रदेश अध्यक्ष सुनील गोयल, जिला अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री विनोद अग्रवाल, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष विनीता खेतावत समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
Published on:
18 Apr 2022 08:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
