
SURAT KAPDA MANDI: ‘हर व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा और जागरुकता जरूरी’
सूरत. हर एक व्यक्ति को अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग जरूर रखनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता रखनी चाहिए। यह बात रविवार सुबह सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन की साप्ताहिक व्यापारिक बैठक में आमंत्रित वक्ता शिखा गोलपुरिया ने कही। बैठक में एक फरवरी को संसद में पेश हुए आम बजट के अलावा सुरक्षित व्यापार के तरीकों के बारे में भी बातचीत की गई। सिटीलाइट स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित बैठक में एक्सपर्ट शिखा गोलपुरिया ने व्यापारी वर्ग को सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कई सरकारी बचत योजनाओं के बारे में बताया। बैठक में सूरत कपड़ा मंडी के विभिन्न 45 मामलों के आवेदन आए। इनमें से दो का स्थल पर ही सहमति से समाधान किया गया। शेष व्यापारिक मामले एसोसिएशन के पंच पैनल व लीगल कमेटी को सौंपे गए। बैठक में पिछले दिनों आए आम बजट पर आर्थिक लीगल सेल के हैड आकाश अग्रवाल व दीपक अग्रवाल ने विस्तार से जानकारी दी।
-सरकार ने वर्तमान स्लैब या उसके रिबेट में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकार न्यू टैक्स रेजीम में लोगों को लाना चाहती है। उसके लिए एनटीआर के स्लैब और रिबेट को टैक्स पर बढ़ाया है।
-जो भी लाइफ इंस्युरेंस 1 अप्रैल 2023 के बाद लेगा और अगर उसका टोटल प्रीमियम 1 साल में 5 लाख से ऊपर जाएगा तो उस पॉलिसी की मैच्योरिटी अमाउंट टैक्स फ्री नहीं होगी।-सेक्शन 44 ए डी की लिमिट अभी दो करोड़ है। जिसे बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया है। हालांकि इसमें एक शर्त रखी है, उस बिजनेस का कैश ट्रांजैक्शन टोटल 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
-सभी व्यापारियों को अनिवार्य रूप से एआईएस ऐप डाउनलोड कर लॉगिन कर लेना चाहिए। इससे उन्हें रियल टाइम पर पता चलेगा की इन्कम टैक्स के पास आपके कौन-कौन से डेटा है, जो आपको अपने रिटर्न में बताने है। बैठक में एसोसिएशन ने सूरत कपड़ा मंडी के सभी व्यापारियों से एमएसएमई में पंजीकृत होने की बात कही, ताकि योजना के सभी लाभ उन्हें मिल सकें।
-टेक्सटाइल ट्रेडिंग का बताया फार्मूला
एसोसिएशन के प्रमुख नरेंद्र साबू ने बैठक में सेहतमंद व्यापार के तरीके भी बताए। इसके खास चार बिंदु है। इसमें दुकान पर जितना स्टॉक उसकी 10 प्रतिशत बिक्री रोजाना जरूरी है। फर्म की कुल उधार एक महीने की सेल से तीन गुना ज्यादा नहीं होनी चाहिए। बाजार में जो देनदारी है वह व्यापारी की एक महीने की सेल से ज्यादा रकम की नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा व्यापार में जो पूंजी लगी है, उसमें से 75 प्रतिशत स्वयं की और 25 प्रतिशत बैंक अथवा अन्य स्रोत से रखी जा सकती है।
Published on:
05 Feb 2023 08:27 pm
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