
पक्के घर देने के बाद भी नहीं हटी झुग्गी-झोपडिय़ां
सिलवासा. शहर के अंबेडकर नगर में बसे गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराने के बाद झुग्गी-झोपडिय़ां नहीं हटी हैं। नगर परिषद ने यहां के 300 से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घरों में बसाया है, लेकिन सडक़ किनारे स्लम बस्ती व झुग्गी झोपडिय़ां अभी तक बरकरार हैं।
अंबेडकर नगर में बेघरों को घर देने के उद्देश्य से चार इमारतें बनाई
सिलवासा नगर परिषद ने अंबेडकर नगर में बेघरों को घर देने के उद्देश्य से चार इमारतें बनाई हैं। इन भवनों मेें आसपास के स्लम बस्तियों में रहने वाले परिवारों को सस्ते भावों में फ्लैट मुहैया कराए हैं। जिन लाभार्थियों को को फ्लैट मिले हैं, उसमें कुछ लाभार्थी पुरानी झुग्गी झोपडिय़ां खाली करने को तैयार नहीं हैं। कइयों ने अपनी झोपडिय़ां दूसरे को बेच दी हैं। कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों को उसी पुरानी झुग्गी-झोपड़ी में बसा दिया है। अबेडकर स्लम बस्ती में दूसरे राज्यों से आए विस्थापितों की संख्या अधिक हैं। इसमें ज्यादातर भंगार एकत्र कर तथा मजदूरी करके जीविकोपार्जन करते हैं। सिलवासा नगर परिषद द्वारा पक्के घर अलॉट करने के बाद कुछ झोपड़े हटाए, लेकिन बाद में पूरे विस्तार में पुन: कच्चे झोपड़े खड़े हो गए। नए बसे लोग भी एसएमसी से पक्का घर चाहते हैं। यहां के निवासी कहते हैं कि उन्हें भी नगर परिषद से पक्का घर मिलना चाहिए। एसएमसी ने कच्चे घर खाली करने के लिए एक दो बार नोटिस भी दिया, लेकिन अब लोग झोपडिय़ां खाली करने को तैयार नहीं हैं।
Published on:
17 Jan 2019 11:11 pm
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