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आईएनएस सूरत : व्यापार ही नहीं, युद्ध में दिखेगा साहस

- टेक्सटाइल और डायमंड सिटी को मिला गौरव...- भारतीय नौ सेना से मिले सम्मान से सूरती गदगद, गृहराज्य मंत्री हर्ष संघवी ने किया ट्वीट

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आईएनएस सूरत : व्यापार ही नहीं, युद्ध में दिखेगा साहस

आईएनएस सूरत : व्यापार ही नहीं, युद्ध में दिखेगा साहस

सूरत. हीरा और कपड़ा उद्योग से देश को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाले सूरत शहर को सम्मान देते हुए भारतीय नौ सेना ने अपने नए युद्ध पौत का नामकरण ‘आईएनएस सूरत’ रखा है। नौ सेना के इस सम्मान से सूरतियों में खुशी का माहौल है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भी ट्वीट कर अपनी खुशी व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह के कमेंट कर सूरती अपनी खुशी व्यक्त कर रहे है।

साथ ही यह भी चर्चा है कि जोरों पर हैं कि क्या ‘आईएनएस सूरत’ कभी उन्हें अरब सागर में सूरत के आस पास नजर आएगा भी या नहीं? रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने ट्वीट कर नौ सेना के लिए प्रोजेक्ट 15बी के तहत निर्मित 7400 टन वजनी चौथे और अंतिम युद्ध पोत का नामकरण ‘आईएनएस सूरत’ करने की घोषणा की है। इस युद्ध पोत का बुधवार को मुंबई के मझगांव डोकयार्ड से जलावतरण किया जाएगा।

इसे देश के पूर्वी तट पर विशाखापट्टनम में तैनात किया जाएगा। इससे पूर्व इसी श्रेणी में तीन युद्ध पोत आईएनएस विशाखापट्टनम, आईएनएस इम्फाल और आईएनएस पारादीप का निर्माण हो चुका है। यहां उल्लेखनीय हैं कि हीरा और कपड़ा नगरी सूरत का पिछले कुछ वर्षो से रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है। सूरत में कोस्ट गार्ड के लिए पोतों और नौकाओं का निर्माण हो चुका हैं। वहीं थल सेना के लिए तोपों, सैनिकों के कपड़े समेत विभिन्न तरह के साजो सामान का उत्पादन भी हो रहा हैं।


आईएनएस सूरत क्या है खास?


7800 टन के आईएनएस सूरत की लंबाई 163 मीटर है तथा रफ्तार 30 नॉटीकल माइल यानी 56 किलोमीटर है। इस पर चार इंटरसेप्टर बोट के साथ 50 अधिकारी व 250 नौ सैनिक लंबे समय तक रह सकते हैं। इस पर बराक-8, ब्रह्मोस मिसाइलेें, सब-मरीन रॉकेट लॉचर व तोपों समेत विभिन्न किस्म के अत्याधुनिक हथियार रखे जा सकते है। फ्लाइट डेक व हेलीकॉप्टर हेंगर की भी व्यवस्था है।
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राजस्थान से लाई गई अफीम की खेप के साथ एक गिरफ्तार

सूरत. राजस्थान से लाई गई अफीम की खेप के साथ डिंडोली पुलिस ने साईं प्वाइंट से एक युवक को गिरफ्तार किया हैं तथा राजस्थान से अफीम भेजने वाले समेत दो अन्य को वांछित घोषित किया हैं। पुलिस के मुताबिक मुखबिर के सूचना पर शनिवार रात साईं प्वाइंट से राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाड़ा निवासी आरोपी इमरताराम बिश्नोई (27) को पकड़ा। उसके कब्जे से एक बैग में छिपा कर रखी 993 ग्राम अफीम बरामद हुई। जिसकी कीतम 2 लाख 97 हजार रुपए बताई गई है। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी इमरताराम ने बताया कि अफीम उसे राजस्थान के सीकर निवासी मदनसिंह राजपुरोहित ने दी थी। जिसे वह सूरत लेकर आया था। अफीम की डिलीवरी लेने के लिए कार में व्यक्ति आने वाला था। डिंडोली पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है तथा उसके साथियों को वाांछित घोषित किया हैं।
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पन्द्रह हिन्दू-मुस्लिम जोड़े का हुआ सामूहिक विवाह


सूरत. सर्व-धर्म समाज एकता समिति ट्रस्ट की ओर से रविवार को सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। आयोजक समिति के जाकीर शाह ने बताया कि कार्यक्रम एसएमसी कम्युनिटी हॉल भरीमाता कोजवे रोड रविवार सुबह दस बजे शुरू हुआ। कार्यक्रम में 15 हिन्दु-मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। कार्यक्रम में मंत्री वीनू मोरडिया बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इसके अलावा हिन्दू, मुस्लिम, सिख्ख, पारसी विभिन्न धर्मे के संत व अन्य अग्रणी भी उपस्थित रहे। संस्था की ओर से सभी युगलों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए जरुरी सामान भी भेंट किया गया। कार्यक्रम में करीब दो हजार लोग शामिल हुए। विवाह समारोह के बाद भोजन हुआ।
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