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एंट्री गेट का स्लैब ढहने से बच्ची की मौत

वेसू कैनाल रोड पर मनपा के कैनाल ब्यूटीफिकेशन कार्य के दौरान गुरुवार सुबह निर्माणाधीन एंट्री गेट का भारी-भरकम स्लैब धराशायी हो जाने...

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Entry gate slab collapse kills child

Entry gate slab collapse kills child

सूरत।वेसू कैनाल रोड पर मनपा के कैनाल ब्यूटीफिकेशन कार्य के दौरान गुरुवार सुबह निर्माणाधीन एंट्री गेट का भारी-भरकम स्लैब धराशायी हो जाने से ढाई साल की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि नौ श्रमिक सामान्य रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई। दमकलकर्मियों ने मलबा हटाकर बच्ची का शव बाहर निकाला।

महानगर पालिका की ओर से वेसू कैनाल रोड के ब्यूटीफिकेशन का ठेका रणजीत कन्ट्रक्शन को ठेका दिया गया है। गुरुवार को जी.डी.गोएन्का स्कूल के पास ब्यूटीफिकेशन के तहत एंट्री गेट बनाया जा रहा था।
श्रमिक स्लैब पर खड़े होकर काम कर रहे थे, तभी भारी-भरकम स्लैब धराशायी हो गया और श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। इनमें श्रमिक परिवार की ढाई साल की बच्ची शामिल थी। स्लैब गिरने का आवाज सुनकर आस-पास के लोग वहां जमा हो गए।

वहां से गुजर रहे राहगीर भी श्रमिकों की मदद में जुट गए। मलबे में दबे श्रमिक बचाव के लिए चीख-पुकार कर रहे थे। लोगों ने एक-एक कर श्रमिकों को बाहर निकाला और 108 एम्बुलेंस से न्यू सिविल अस्पताल पहुंचाया। मलबे के नीचे दबी एक बच्ची को लोग नहीं निकाल पाए।

सूचना मिलने पर दमकलकर्मी, पुलिस और मनपा अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने मलबा हटाकर बच्ची को बाहर निकाला और न्यू सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर गिया। बच्ची का नाम रोशनी असरू डामोर बताया गया है। घायलों में वसंत डामोर (35), सुरसिंह उपा किशोरी (47), रमीला बारिया (40), पांगला डामोर (28), इनेश सोमा वसावा (19), लोगेन्द्र सामु माथुर (18), जलकी रमण (20), सारूबेन अशोक (25) और राजू दिनकर (20) शामिल हैं। यह सभी सामान्य रूप से घायल हुए हैं और खतरे से बाहर हैं।

मनपा और पुलिस ने शुरू की जांच

वेसू कैनाल ब्यूटीफिकेशन कार्य के दौरान हादसे के बाद मनपा और पुलिस की ओर से जांच शुरू की गई है। हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका पता लगाया जा रहा है। मनपा ने ब्यूटीफिकेशन का ठेका रणजीत बिल्डकॉन को सौंपा था, लेकिन बताया जा रहा है रणजीत बिल्डकॉन ने किसी ओर एजेंसी को ठेका दे दिया था।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

मनपा के विभिन्न प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान पहले भी हादसे हो चुके हैं और श्रमिकों को जान गवानी पड़ी है। मजूरा गेट ब्रिज का स्पान गिरने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी। अठवा लाइंस ब्रिज हादसे में 10 से अधिक श्रमिकों की मौत हुई थी, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए थे। इसके अलावा अमरोली ब्रिज के निर्माण के वक्त भी स्पान गिरने से एक श्रमिक की मौत हुई थी।