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उदवाड़ा और अमलसाड़ के चीकू किसान रेल से पहुंचे आदर्श नगर

- 16 साल बाद ट्रेन से बड़ी मंडियों तक पहुंचे दक्षिण गुजरात के चीकू... - मुम्बई मंडल की पहली किसान रेल दहानु रोड से 24 जनरल कोच, एक एसएलआर के साथ रवाना हुई - 246 टन चीकू की हुई लोडिंग  

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उदवाड़ा और अमलसाड़ के चीकू किसान रेल से पहुंचे आदर्श नगर

उदवाड़ा और अमलसाड़ के चीकू किसान रेल से पहुंचे आदर्श नगर

सूरत.

दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में उदवाड़ा और अमलसाड़ के चीकू अब किसान रेल के द्वारा नई दिल्ली तक पहुंचेंगे। मुम्बई रेल मंडल की पहली किसान रेल एक्सप्रेस दक्षिण गुजरात के चीकू लेकर गुरुवार रात दो बजे रवाना हुई। ट्रेन दहानु रोड से रवाना हुई और उदवाड़ा, अमलसाड़ व सूरत में चीकू समेत फल-सब्जी की लोडिंग की गई। इसके पहले उदवाडा रेलवे स्टेशन से पहली बार 12 जनवरी को चीकू से लदा पार्सल डिब्बा नई दिल्ली के लिए बान्द्रा टर्मिनस-जम्मू कोविड स्पेशल ट्रेन में रवाना किया गया था।

भारतीय रेलवे ने किसानों के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है। इसमें किसानों की फसल को ट्रेन के जरिए सस्ते दाम में बड़ी मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के तहत टॉप टू टोटल योजना में फल और सब्जियों को प्राथमिकता के साथ व्यापारी के मनचाहे गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी रेलवे उठा रही है। पश्चिम रेलवे के मुम्बई रेल मंडल की पहली किसान रेल एक्सप्रेस 28 जनवरी को रात दो बजे दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में उदवाडा और अमलसाड के चीकू लेकर नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन दहानु रोड से शुरू होगी और उदवाडा, अमलसाड तथा सूरत में माल लोडिंग की सुविधा दी गई है। इसके बाद मथुरा स्टेशन पर किसान रेल में लोडिंग और अनलोडिंग की जा सकेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले मुम्बई रेल मंडल प्रबंधक जी.वी. एल. सत्यकुमार, सीनियर डीसीएम जागृति सिंगला, सीनियर डीओएम विनीत अभिषेक ने वलसाड के चीकू को नई दिल्ली की मंडियों तक पहुंचाने के लिए व्यापारियों से कई बैठकें की। वेबिनार का से भी व्यापारियों की समस्याओं को दूर किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण गुजरात में वलसाड, नवसारी में चीकू-आम की फसल काफी अच्छी होती है। दक्षिण गुजरात के फल और सब्जी 16 साल पहले तक ट्रेन से नई दिल्ली समेत दूसरी मंडियों तक पहुंचते थे। किन्हीं कारणों से व्यापारियों ने अपना माल ट्रेन से भेजना बंद कर दिया था। अब कोरोना संकट के दौरान भारतीय रेलवे ने फिर 16 साल पहले बंद हुए ट्रैफिक को जीवित कर लिया है। रेलवे ने सबसे पहले 12 जनवरी को एक पार्सल डिब्बा भेजा था। इसके बाद 28 जनवरी को 25 डिब्बों की पूरी ट्रेन किसान रेल एक्सप्रेस बनाकर चलाई गई है।

गौरतलब है कि, फल और सब्जी की पैदावार करने वाले किसानों को किसान रेल की सुविधा 50 प्रतिशत सबसिडी पर दी जा रही है। रेलवे का दावा है कि कम समय और कम लागत में किसानों की फल और सब्जियों को बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था किसान रेल के द्वारा की गई है।

दक्षिण गुजरात से पहली किसान रेल

रेलवे सूत्रों ने बताया कि 00971 दहानु रोड-आदर्श नगर किसान रेल एक्सप्रेस दहानु रोड से 28 जनवरी को रात 2.15 बजे रवाना होकर उदवाडा तडक़े 3 बजे, अमलसाड सुबह 4.05 बजे, सूरत सुबह 5.15 बजे, वडोदा सुबह 7.05 बजे, रतलाम 11.30 बजे, खुत्बव शाम 4.20 बजे, मथुरा रात 9.00 बजे और आदर्श नगर रात 11.45 बजे पहुंची।

तीन स्टेशनों से हुई लोडिंग

मुम्बई रेल मंडल ने दक्षिण गुजरात से पहली किसान रेल एक्सप्रेस चलाने के लिए तीन मार्केट को चीकू ट्रांसपोर्ट के लिए सडक़ मार्ग के स्थान पर रेलवे से भेजने के लिए तैयार किया है। दहानु रोड से ट्रेन के रवाना होने के बाद उदवाडा और अमलसाड में भी किसान रेल में चीकू की लोडिंग की जाएगी। इसके अलावा सूरत स्टेशन से भी फल -सब्जी लोडिंग की सुविधा दी गई है। जबकि मथुरा रेलवे स्टेशन पर लोडिंग और अनलोडिंग दोनों की जाएगी। पहली किसान रेल में दहानु रोड, उदवाडा और अमलसाड से कुल 246 टन चीकू के बॉक्स की लोडिंग की गई है।

इन स्टेशनों पर हुई चीकू की लोडिंग

स्टेशन/ वजन/ किराया/ सबसिडी/ कुल किराया

दहानु रोड-60 टन -1,03,758 -1,01,718 -2,05,476

उदवाडा -30 टन -33,300 -33,300 -66,600

अमलसाड -166 टन -2,71,343 -2,66,024 -5,37,367

कुल -246 -4,08,401 -4,01,042 -8,09,443