बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि 2 अक्टूबर की रात को सीमा सुरक्षा बल क्षेत्रीय मुख्यालय श्रीगंगानगर की सामान्य शाखा को 77वीं वाहिनी श्रीकरणपुर के सीमा क्षेत्र में पंजाब के संदिग्ध तस्करों के आने का इनपुट मिला था। इस पर सीमा क्षेत्र की नाकाबन्दी की गई। जिसमें जी ब्रांच के उप कमांडेंट जितेन्द्र नांगल के नेतृत्व में टीमें वहां तैनात की गई और चौकसी बढ़ा दी गई।
इसी दौरान पता चला की इसी वाहिनी की सीमा चौकी कोहली के इलाके में राधा स्वामी सतसंग व्यास की तरफ से एक पंजाब की कार सीमा क्षेत्र में धूम रही है। रात करीब 3 बजे इस कार को चिन्हित किया गया। जिसमें पंजाब के रहने वाले तीन युवक सवार थे। सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों को देखकर तीनों धबरा गए और भागने की कोशिश की।
लेकिन सतर्क सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों ने उन्हे पकड लिया और उनके वहां पर आने और सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों को देखकर भागने का कारण पुछा तो कोई संतोषजनकर जवाब नहीं दिया। संदेहास्पद होने पर उनसे उनके पहचान पत्र मागें लेकिन सभी ने असमर्थता दर्शाते हुए मना कर दिया। इसके बाद गहन पूछताछ की गई। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों को बताया कि वे पंजाब के फिरोजपुर जिले के रहने वाले है और यहां पर पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हेरोइन की खेप लेने के लिए आए थे।
लेकिन सीमा सुरक्षा बल की मुस्तैदी की वजह से वे इस काम में असफल रहे। सीमा पार से आने वाली खेप फिरोजपुर निवासी व तस्कर नरवैल सिंह पुत्र बलदेव सिंह के इशारे पर उन्हे मिलने वाली थी। पकडे गए तीन व्यक्तियों में से गुरजन्ट सिंह इसी तस्कर का छोटा भाई है। पकड़े गए अमरजीत सिंह पुत्र चरनसिंह, गुरजन्ट सिंह पुत्र बलदेव सिंह और निरवेल सिंह पुत्र सरवन सिंह को केसरीसिंहपुर पूलिस के हवाले कर दिया गया। तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर करवाकर पुलिस को सौंप दिया गया है।
जेल में बैठकर चला रहा हेरोइन तस्करी का नेटवर्क
– बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि तस्कर नरवैल सिंह वर्ष 2012 से फरीदकोट जेल में बंद है और जेल के अंदर से ही वह अपना हेरोईन तस्करी का धंधा चला रहा है। यह तस्कर पहले हिन्दुमलकोट इलाके में हेरोइन तस्करी के मामले भी पकड़ा जा चुका है।
पंजाब की फरीदकोट जेल में बैठकर यह सीमा पार के तस्करों से संपर्क कर यहां बॉर्डर पर हेरोइन मंगवाता है और अपने आदमी भेजकर वहां से हेरोइन उठवा लेता है। लेकिन बीएसएफ की सतर्कता के चलते इनके मंसूबे फेल हो जाते हैं। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि कई तस्कर सुरक्षित जेलों में बैठकर मोबाइल पर गिरोह संचालित कर रहे हैं और हेरोइन मंगवाते हैं।
ऐसे पकड़े गए हेरोइन लेने आए तस्कर
– बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि जी ब्रांच को इनपुट मिला था कि आरोपी गुरजंट सिंह का इलाके की तरफ मूवमेंट हुआ है। जिसको लेकर बॉर्डर पर इंटेलीजेंस व जवानों को सतर्क कर दिया गया था। जेल में बैठे तस्कर नरवैल सिंह ने अपने भाई सहित तीन जनों को यहां हेरोइन लेने भेजा था। 2 अक्टूबर की रात को केसरीसिंहपुर इलाके मे एक एक्स गांव के समीप बॉर्डर के आसपास कुछ हलचल मिली थी। तीनों आरोपी वहां बॉर्डर पर दो-ढाई घंटे तक छिपे रहे लेकिन बीएसएफ की सतर्कता के चलते मंसूबे फेल हो गए। वहां से कार लेकर निकल गए।
सूचना मिली कि इलाके में किसी गाड़ी की लाइट दिख रही है। इस पर जी ब्रांच के अधिकारी, जवान अन्य भी बाइकों, पैदल व जीपों में पहुंचे और कार को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपियों ने कार से उतरकर भागने का प्रयास किया लेकिन बीएसएफ जवानों ने दबोच लिया।
अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर जी ब्रांच की सतर्कता के चलते हुई कार्रवाई
– 22 अक्टूबर 2011 को बीएसएफ ने मदेरां के पास पंजाब के कुख्यात भोलू गैंग के तस्कर निशान सिंह उर्फ सोनू को पकड़ा था, इनका एक साथी फरार हो गया था। सोनू ने खुलासा किया था कि सह पाकिस्तानी तस्करों से हेरोइन की डिलीवरी लेने के लिए आया था।
– 23 जनवरी 2012 में बीएसएफ ने खखां सीमा चौकी क्षेत्र में एक खेत में सीमा पार से फेंकी गई 18 किलोग्राम हेरोइन की खेप बरामद की थी। डिलीवरी लेने आया पंजाब का तस्कर वहां से फरार हो गया था।
– 23 फरवरी 2012 हिन्दुमलकोट में बीएसएफ ने खेत में सीमा पार से फेंकी गई छह किलोग्राम हेरोइन बरामद की। डिलीवरी लेने आए तस्कर पंजाब नंबर की दो बाइक छोडकऱ भाग गए।
– 3 अक्टूबर 2013 को बीएसएफ व एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में हिन्दुमलकोट इलाके में उग्रवादी संगठन के कमांडर व उसके दो साथियों को पकड़ा था। पूछताछ में इन्होंने हेरोइन की तस्करी के सिलसिले में आना स्वीकार किया था।
– 2 मार्च 2017 को गजसिंहपुर क्षेत्र में सीमा से सटे गांव पांच एफडी के पास दो पैकेट मिले थे। बीएसएफ व पुलिस ने सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इसको ड्रग माफिया की रैकी माना।
8 सितंबर 2020 को रायसिंहनगर इलाके में भारत-पाक सीमा पर ख्यालीवाला बॉर्डर पर रात को बीएसएफ से हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी तस्कर मारे गए थे। इनके पास से आठ किलोग्राम हेरोइन, दो पिस्तौल, 28 कारतूस, नाइट विजन डिवाइस, करेंसी, रियाल मुद्रा, चाकू आदि बरामद किए गए थे।
– 2 मार्च 2017 को गजसिंहपुर क्षेत्र में सीमा से सटे गांव पांच एफडी के पास दो पैकेट मिले थे। बीएसएफ व पुलिस ने सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इसको ड्रग माफिया की रैकी माना।
8 सितंबर 2020 को रायसिंहनगर इलाके में भारत-पाक सीमा पर ख्यालीवाला बॉर्डर पर रात को बीएसएफ से हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी तस्कर मारे गए थे। इनके पास से आठ किलोग्राम हेरोइन, दो पिस्तौल, 28 कारतूस, नाइट विजन डिवाइस, करेंसी, रियाल मुद्रा, चाकू आदि बरामद किए गए थे।
8 फरवरी 2021 को तारबंदी के पास हिन्दुमलकोट इलाके में मदनलाल चौकी के समीप पाक तस्करों से बीएसएफ की फायरिंग हुई थी, जहां तस्कर फरार हो गए थे। तारबंदी के पास 999 ग्राम हेरोइन मिली थी।
15 मार्च 2021 को अनूपगढ़ इलाके में कैलाश पोस्ट पर सतर्क बीएसएफ जवानों ने तारबंदी की तरफ आ रहे एक संदिग्ध को नहीं रुकने पर ढेर कर दिया था।
20 मार्च 2021 को अनूपगढ़ में ही शेरा पोस्ट पर एक संदिग्ध घुसपैठिया सीमा में घुसने का प्रयास कर रहा था, जिसको बीएसएफ जवानों ने ढेर कर दिया था।