श्रीगंगानगर सेक्टर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की महिला हुमारा (33) को पूछताछ के लिए मंगलवार को श्रीगंगानगर के संयुक्त पूछताछ केन्द्र पर लाया गया है।
अनूपगढ़/श्रीगंगानगर. श्रीगंगानगर सेक्टर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की महिला हुमारा (33) को पूछताछ के लिए मंगलवार को श्रीगंगानगर के संयुक्त पूछताछ केन्द्र पर लाया गया है। वहां उससे विभिन्न एजेंसियां पूछताछ करेंगी। बीएसएफ ने इस महिला को सोमवार सुबह अनूपगढ़ क्षेत्र में भारत-पाक अंतरराष्टीय सीमा पर उस समय गिरफ्तार किया जब वह जीरो लाइन पार कर तारबंदी की तरफ बढ़ रही थी। बीएसएफ ने पूछताछ के बाद सोमवार देर रात इसे अनूपगढ़ पुलिस को सौंप दिया। बीएसएफ अधिकारियों की पूछताछ में उसने पति और ससुर की प्रताडऩा से तंग होकर यहां तक आने की बात कही है। महिला के दो बच्चे हैं, जिन्हें वह घर पर छोड़ आई है। बीएसएफ अधिकारियों की पूछताछ के दौरान वह लगातार यही गुहार लगाती रही कि उसे वापस नहीं भेजा जाए। अगर भेजा तो पति वसीम उसकी जान ले लेगा। यह महिला बलूचिस्तान के केच जिले के गांव दगरी खान की रहने वाली है। उसके पास पासपोर्ट भी मिला है, जिसमें उसके ओमान की राजधानी मस्कट में रहने की जानकारी दर्ज है।
इस महिला से बीएसएफ और पुलिस अधिकारियों ने अब तक जो पूछताछ की है, उसमें हर सवाल का जवाब उसने सहजता से दिया। उसके चेहरे पर इस बात को लेकर शिकन भी नहीं दिखाई देती कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन कर दूसरे देश में आ गई है। उसकी रटी-रटाई बातों पर बीएसएफ और पुलिस अधिकारियों को विश्चास भी नहीं हो रहा है। इसकी एक वजह यह है कि बलूचिस्तान के हालात इस समय सामान्य नहीं है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने रेल गाड़ी को हाईजैक कर पाकिस्तानी आर्मी के काफिले में शामिल एक बस को आत्मघाती हमले मे उड़ा कर शहबाज सरकार और पाकिस्तानी सेना को जो जख्म दिए हैं, उसे लेकर पाकिस्तानी सेना बलूचों के खून की प्यासी बनी हुई है। ऐसे हालात में बॉर्डर पर तैनात पाक रेंजर्स की आंखों में धूल झोंक कर एक बलूच महिला का भारत में घुसपैठ कर जाना सुरक्षा एवं गुप्तचर एजेंसियों के गले नहीं उतर रहा।
इस महिला को वापस पाकिस्तान भेजना भी आसान नहीं होगा। इसके लिए केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ेगी। आमतौर पर पाकिस्तान की तरफ से वहां का कोई नागरिक गलती से भारतीय सीमा में आ जाता है तो मानवीय आधार पर उसे वापस भेज दिया जाता है। यह तभी संभव होता है जब संयुक्त पूछताछ केन्द्र में पूछताछ करने वाली एजेंसियां उसके गलती से भारतीय सीमा में आने की बात को सही मान ले। बलूच महिला हुमारा के मामले में फिलहाल तो ऐसा नजर नहीं आ रहा।