
बीकानेर पुलिस बेड़े में शामिल काइजर (बैल्जियम शैफर्ड डॉग) ने पुलिस का साथ छोड़ दिया। दो दिन से बीमार काइजर की सोमवार देर रात मौत हो गई। काइजर की मौत के बाद पुलिस महकमे में शोक छा गया। पुलिस लाइन में दोपहर में राजकीय सम्मान के साथ काइजर की अंत्येष्टि की गई। पुलिस जवानों ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने उसके पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर सलामी दी।फोटो - नौशाद अली।

बीकानेर पुलिस बेड़े में करीब साढ़े आठ साल से शामिल था। चार दिन पहले नाकाबंदी के दौरान ड्यूटी पर था। दो दिन पहले पुलिस लाइन मैदान में अभ्यास के दौरान बेहोश हो गया। उसे प्रशिक्षक (हैंडलर) संत कुमार पशु चिकित्सालय लेकर गए, जहां लम्बर रिजन्स में दिक्कत सामने आई। उसका इलाज चल रहा था। काइजर का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। उसके विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं। फोटो - नौशाद अली।

वर्ष 2016 में पुलिस बेड़े में शामिल हुए काइजर ने बीकानेर पुलिस को आठ साल दो माह सेवाएं दी। काइजर ने अपने जीवनकाल में पुलिस के लिए 316 ड्यूटी की। काइजर ने हत्या, लूट, डकैती, मादक पदार्थ तस्करी, बलात्कार, चोरी जैसे 52 ब्लाइंड मामलों को चुटकियों में सुलझा दिया। फोटो - नौशाद अली।

पुलिस लाइन में दफनाया, हैंडलर के आंसू छलक पड़े काइजर के शव को तिरंगे में लपेट कर पुलिस लाइन मैदान में रखा गया। जहां पुलिस अधिकारियों, जवानों व उसके हैंडलर संत कुमार ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पुलिस ने काइजर को 15 गोलियां दागकर राजकीय सम्मान दिया। शव को दफनाकर जब अधिकारी रवाना होने लगे तो काइजर का प्रशिक्षक (हैंडलर) संत कुमार के आंसू छलक पड़े। पुलिस अधीक्षक गौतम ने उसे ढांढस बंधाया। फोटो - नौशाद अली।