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जल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा रिहंद जलाशय

मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ के पर्यटकों के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्र ....

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Rihand reservoir will be developed as a water tourism destination

Rihand reservoir will be developed as a water tourism destination

सिंगरौली. पेयजल व सिंचाई के उपयोग में आने वाला रिहंद जलाशय अब पर्यटकों के मनोरंजन का केंद्र भी बनेगा। रिहंद जलाशय को जल पर्यटन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जल पर्यटन के लिए चिह्नित रिहंद जलाशय का क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा में आता है। इसलिए जलाशय में जल पर्यटन की व्यवस्था सोनभद्र जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। यह बात है कि चयनित स्थल सिंगरौली के अधिक नजदीक है।

रिहंद जलाशय में जल पर्यटन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण को दी गई है। जलाशय में चिह्नित डोंगिया स्थान को विकसित व सौंदर्यीकरण कर पर्यटकों के लिए पानी में जलक्रीड़ा की व्यवस्था की जाएगी। वाटर स्पोट्र्स की विभिन्न गतिविधियों के साथ नौकायन की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक डोंगिया क्षेत्र में जलाशय के किनारे 200 मीटर से अधिक लंबा घाट बनाया जाएगा। वहां कई सारी सुविधाएं दी जाएंगी।

यूपी व एमपी के साथ छत्तीसगढ़
जल पर्यटन स्थल तीन राज्यों की सीमा के नजदीक है। उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटक भी आसानी से यहां पहुंचकर जल पर्यटन का आनंद ले सकेंगे। क्षेत्र में कोई दूसरा जल पर्यटन स्थल नहीं होने से रिहंद जल पर्यटन स्थल में पर्याप्त संभावनाएं हैं। यहां लोगों को मनोरंजन के साथ रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

मुड़वानी डैम एक विकल्प
जिले के जयंत क्षेत्र में स्थित मुड़वानी डैम को भी इको पार्क के रूप में विकसित किया गया है। वहां जिला प्रशासन की ओर से नौकायन की व्यवस्था की गई है। पीपीपी ( पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर शुरू की गई व्यवस्था में अभी और विस्तार करने की जरूरत है। जिले का यह स्थल भी एक अलग पर्यटन स्थल बन सकता है। बशर्तें जिला प्रशासन को इसमें विशेष रुचि लेना होगा।