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गालव कुंड में पत्नी की आंखों के सामने ही डूब गया सुहाग

गालव कुंड में अब तक 2 दर्जन से ज्यादा हो चुकी है मौतेंगणेश्वर के गालव कुंड में डूबने से श्रद्धालु की मौतभाई को डूबते देख छोटे भाई ने भी लगाई कुंड में छलांगबुजुर्ग ने अपनी धोती फेंक कर एक भाई को बचाया

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सीकर

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Suresh Sharma

Feb 23, 2021

गालव कुंड में पत्नी की आंखों के सामने ही डूब गया सुहाग

गालव कुंड में पत्नी की आंखों के सामने ही डूब गया सुहाग

नीमकाथाना. गणेश्वर गांव के गालव कुंड की अधिक गहराई होने से आए दिन जिंदगियां खामोश हो रही हैं। सोमवार को कुंड पर नहाने आए एक श्रद्धालु की डूबने से मौत हो गई। परिजन मृतक का राजकीय कपिल अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव को ले गए। जानकारी के अनुसार बरकराणा कोटपूतली हाल दिल्ली निवासी करीब 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा अपने परिजनों के साथ गणेश्वर तीर्थ धाम पर स्नान करने आए थे। जैसे ही कुंड में नहाने के लिए ओमप्रकाश उतरा तो वह गहराई में चला गया।

साथ नहा रहा छोटा भाई जगदीश बड़े भाई ओमप्रकाश को डूबते देख पानी में उतरा गया, दोनों को डूबते देख मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने अपनी धोती के सहारे जगदीश को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन ओप्रकाश गहराई में चला गया। ग्रामीणों ने ओमप्रकाश को तुरंत कुंड से बाहर निकालकर उसका पानी निकाला तथा राजकीय कपिल अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन खाटूश्यामजी दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में गणेश्वर तीर्थधाम आने से मृतक ने ही अपने परिजनों के सामने दर्शन करने की जिद कर ली थी। भला होनी को कोन टाल सकता हैं। मौत ही उसे गणेश्वर तीर्थधाम खींच लाई।
पत्नी की आंखों के सामने उजड़ गया सुहाग
कुंड पर परिवार के सभी लोग मौजूद थे। देखते ही देखते पत्नी का अपनी आंखों के सामने ही सुहाग डूब गया। ग्रामीणों ने मृतक को डूबते ही तुरंत बाहर भी निकाल लिया। अस्पताल में विलाप कर रही पत्नी को लोगों ने संभाला और गाड़ी में बैठाकर गांव के लिए रवाना किया।
गहराई कम करने के लिए उठा चुके है मांग
कुंड में आए दिन होने वाले हादसों से किसी की ममता रो पड़ती हैं तो कभी सुहाग उजड़ जाता हैं। कभी भाई-बहन का प्यार बिछड़ जाता हैं। घटना के दो दिन तक तो कुंड की गहराई कम करने की बाते होती है, लेकिन होता कुछ भी नहीं है। गावड़ी, भूदोली, चीपलाटा क्षेत्र के लोगों ने कई बार कुंड की गहराई कम करने के लिए मांग उठाई हैं। अगर कुंड की गहराई कम हो जाए तो हादसों पर अंकुश लग सकता हैं। अब तक कुंड में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इनका कहना है...
डूबने से हुई श्रद्धालु की मौत दु:खद घटना है। कुंड की गहराई कम करने के लिए पंचायत प्रशासन प्रयास कर रहा है। लेकिन कुछ लोग अड़चन पैदा कर तीर्थधाम के विकास में पेच फंसा देते है।
सुशीला देवी, सरंपच गणेश्वर